
Chandrayaan 3 Mission Update : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के मिशन चंद्रयान 3 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अपडेट यह है कि जिस तरह से पृथ्वी पर भूकंप आते हैं, ठीक उसी तरह के झटके चंद्रयान 3 के प्रज्ञान रोवर ने भी चांद पर महसूस किए हैं। इसरो ने जानकारी दी है कि चांद पर ऑक्सीजन, सल्फर समेत कई तत्व खोजे गए हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि चंद्रमा पर आए प्राकृतिक भूकंप को रिकॉर्ड किया गया है।
भारत 'चंद्रयान 3' के जरिए चांद पर कई महत्वपूर्ण खोज में जुटा हुआ है। रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर लगातार जांच कर रहा है। इस बीच इसरो ने बताया कि रोवर और अन्य पेलोड की गतिविधियों के अलावा भी चांद की सतह से कुछ और भी रिकॉर्ड किया गया है।
इसरो ने बताया कि चांद पर आए प्राकृतिक भूकंप को रिकॉर्ड किया गया है, जिसे चंद्र भूकंपीय गतिविधि (आईएलएसए) पेलोड ने दर्ज किया है। इसरो ने बताया कि लैंडर विक्रम ने चंद्रमा पर भूकंपन की घटना के बारे में पता लगाया है।
इसरो ने एक्स (ट्वीट) पर पोस्ट करते हुए लिखा- "इन-सीटू वैज्ञानिक प्रयोग के दौरान चंद्रयान-3 लैंडर पर लगे चंद्र भूकंपीय गतिविधि पेलोड उपकरण (ILSA) ने रोवर और अन्य पेलोड की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया है। यह चंद्रमा पर पहला माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम (एमईएमएस) टेक्नोलॉजी-बेस्ड उपकरण है।
https://twitter.com/isro/status/1697233941634396420?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1697233941634396420%7Ctwgr%5Eb583ae0d916a7d39791d5ec28bc22c98a15c61f6%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fhindi.oneindia.com%2Fnews%2Findia%2Fisro-chandrayaan-3-vikram-detected-a-natural-seismic-event-on-moon-812721.htmlइसरो ने आगे बताया कि इसने 26 अगस्त, 2023 को एक प्राकृतिक प्रतीत होने वाली घटना को रिकॉर्ड किया है। इस घटना के स्रोत की जांच की जा रही है। ILSA पेलोड को LEOS, बैंगलोर द्वारा डिजाइन और कार्यान्वित किया गया है। तैनाती तंत्र यूआरएससी, बेंगलुरु द्वारा विकसित किया गया है।
आपको बता दें कि 23 अगस्त को सफल लैंडिंग के बाद चंद्रमा पर भारत का मिशन अगले साल दिनों में खत्म होने जा रहा है। पहले इस मिशन को 14 दिन तक चलना था, लेकिन लूनर लाइट की वजह से यह मिशन अगले 7 दिनो में खत्म हो जाएगा।