
Chandrayaan 3[/caption]
चंद्रयान 3 मिशन 2023 श्रीहरिकोटा से लॉचिंग के बाद 45 दिन तक अंतरिक्ष में घूमने के बाद चंद्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में लैंड करेगा। इसके दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में ही लैंडिंग की विशेष वजह है, क्योंकि यहाँ सूर्य की किरणें सीधी नहीं, बल्कि तिरछी पड़ती हैं, इस कारण यहाँ अंधेरा रहता है और यहाँ का तापमान भी -180 डिग्री (माइनस 180 डिग्री) के आसपास रहता है।
इसलिए इस स्थान पर पानी मिलने की संभावनाएं अधिक हैं। यही वजह है की इस जगह को ही चंद्रयान 3 की लैंडिंग के लिए चुना गया है। इस मिशन का उद्देश्य भी यही है कि चंद्रमा पर क्या-क्या संभावनाएं हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त करना। जिससे भविष्य के मिशन की योजनाएं तैयार की जा सकें।
Chandrayaan 3: दुनिया में बढ़ेगा भारत का मान
मिशन चंद्रयान 3 के सफल होते ही भारतीय अंतरिक्ष अभियान में एक सुनहरा अध्याय जुड़ जाएगा। चंद्रयान 3 मिशन के सफल होते ही भारत चंद्रमा पर अपना यान उतारने वाला चौथा देश बन जाएगा। दुनिया में अभी तक केवल 3 देशों को ही चांद पर अपने अंतरिक्ष यान उतारने में सफलता मिली है। ये 3 देश हैं अमेरिका, रूस और चीन। भारत के इस मिशन के सफल होते ही भारत का लोहा सारी दुनिया मानेगी।