
गंगोत्री धाम:
गंगोत्री चार धाम मे दूसरे नंबर पर आता है ।22 अप्रैल 2023 को गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:35 पर खुल चुके है ।गंगोत्री धाम के कपाट खुलने से पहले सहस्त्रनाम गंगा लहरी का पाठ किया जाता है ।गंगा नदी का मूल स्रोत गंगोत्री ग्लेशियर में गौमुख है।ये तीर्थ स्थल भी उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 3,100 मीटर की आश्चर्यजनक ऊंचाई पर स्थित है।हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, गंगोत्री धाम वह स्थान है जहां गंगा नदी स्वर्ग से उतरी थी जब भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं से छोड़ा था।
केदारनाथ धाम:
केदारनाथ धाम के कपाट 25 अप्रैल 2023 को सुबह 06:20 मिनट पर कपाट खुल गये है ।12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम भी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत युद्ध में की गई अपने भाईयों की हत्या के पाप का प्राश्चित करने के लिए पांडव केदारनाथ आए थे।इस मंदिर तक पहुंचने के लिये गौरीकुंड से लगभग 18 किमी की चढ़ाई पूरी करनी पड़ती है।यह 3,553 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जिसकी पृष्ठभूमि में बर्फ से ढकी हिमालय की चोटियां हैं।यहां मई जून मे भी मौसम बेहद ठंडा रहता है ।
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Kedarnath Dham[/caption]
बद्रीनाथ धाम:
बद्रीनाथ धाम के कपाट 27 अप्रैल 2023 को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर भक्त दर्शन कर सकेंगे।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बद्रीनाथ धाम को सृष्टि का आठवां वैकुंठ भी कहा जाता है। यहां भगवान विष्णु छह महीने विश्राम करने के लिए आते हैं। साथ ही केदारनाथ धाम में भगवान शंकर विश्राम करते हैं।मान्यता है कि केदारनाथ धाम के दर्शन के बाद ही बद्रीनाथ धाम के दर्शन किये जाते है । यह 3,300 मीटर की आश्चर्यजनक ऊंचाई पर स्थित है।भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से एक नर और नारायण ऋषि की तपोभूमि है बद्रीनाथ।कहते हैं कि जो इनके एक बार दर्शन कर लेता है वो जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति से पा लेता है ।वो मोक्ष की प्राप्ति कर लेता है ।
