रेलवे ने की खास वर्ग के लोगों को आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा

रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय रेलवे ने खास वर्ग के लोगों को आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों और उनके परिजनों को अब ट्रेन यात्रा में पूरी तरह किराया माफ कर दिया गया है।

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भारतीय रेलवे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar26 Mar 2026 06:56 PM
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Indian Railways : रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय रेलवे ने खास वर्ग के लोगों को आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों और उनके परिजनों को अब ट्रेन यात्रा में पूरी तरह किराया माफ कर दिया गया है।

यह छूट एसी क्लास में होगा लागू

सरकार के निर्देश के अनुसार, थल सेना, नौसेना और वायुसेना के वे जवान जिन्हें गैलेंट्री अवॉर्ड (वीरता पदक) मिले हैं, उन्हें अब जीवनभर ट्रेन में बिना किराया दिए सफर करने की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं, यह छूट सिर्फ जनरल या स्लीपर क्लास तक सीमित नहीं है, बल्कि एसी कोच जैसे सेकेंड एसी, एसी चेयरकार और फर्स्ट क्लास में भी पूरी तरह लागू होगी।

लाभ पुरस्कार विजेताओं के साथ उनकी पत्नी या विधवा को भी मिलेगा

इस योजना का लाभ पुरस्कार विजेताओं के साथ उनकी पत्नी या विधवा को भी मिलेगा। खास बात यह है कि यात्रा के दौरान एक सहयोगी व्यक्ति को भी उनके साथ मुफ्त सफर की अनुमति दी गई है। इस कदम को देश के बहादुर सैनिकों के सम्मान और उनके योगदान के प्रति आभार के रूप में देखा जा रहा है। इस फैसले की जानकारी रक्षा मंत्रालय की ओर से साझा की गई है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा पूरे देश में लागू होगी और संबंधित पात्र लोगों को इसका लाभ तुरंत मिलेगा।

रेलवे पहले से ही कई श्रेणियों के यात्रियों को देता है किराए में छूट 

वहीं दूसरी ओर, रेलवे पहले से ही कई श्रेणियों के यात्रियों को किराए में छूट देता रहा है। दिव्यांगजन, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज जैसे कैंसर, किडनी, हृदय रोग, थैलेसीमिया आदि और छात्रों को अलग-अलग श्रेणियों में 50% से 75% तक की रियायत मिलती है। हालांकि, वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट कोविड काल के दौरान बंद कर दी गई थी, जिसे अब तक बहाल नहीं किया गया है। रेलवे का यह नया फैसला न केवल सैनिकों के सम्मान को बढ़ाता है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता की मिसाल भी पेश करता है।


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रामनवमी छुट्टी पर सस्पेंस खत्म, जानिए स्कूल बंद होने की सही तारीख

चैत्र नवरात्रि के समापन के साथ भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी को लेकर देशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। हालांकि वर्ष 2026 में रामनवमी की तिथि को लेकर बने मतभेद की वजह से अलग-अलग राज्यों में अवकाश की तारीखें भी अलग तय की गई हैं।

रामनवमी छुट्टी पर बड़ी अपडेट
रामनवमी छुट्टी पर बड़ी अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Mar 2026 11:18 AM
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Ram Navami 2026 : चैत्र नवरात्रि के समापन के साथ भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी को लेकर देशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। हालांकि वर्ष 2026 में रामनवमी की तिथि को लेकर बने मतभेद की वजह से अलग-अलग राज्यों में अवकाश की तारीखें भी अलग तय की गई हैं। यही कारण है कि कहीं 26 मार्च को छुट्टी घोषित की गई है तो कहीं 27 मार्च को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रखने का फैसला लिया गया है। हिंदू पंचांग के मुताबिक नवमी तिथि 26 मार्च की सुबह से प्रारंभ होकर 27 मार्च की सुबह तक प्रभावी रहेगी। इसी आधार पर कई राज्यों ने उदया तिथि, धार्मिक परंपरा और स्थानीय मान्यता को ध्यान में रखते हुए अवकाश का निर्धारण किया है। ऐसे में छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर उनके राज्य में रामनवमी की छुट्टी किस दिन रहेगी।

रामनवमी की छुट्टी किस दिन है?

देश के अलग-अलग राज्यों ने अपने-अपने प्रशासनिक और धार्मिक आधार पर अवकाश घोषित किया है। कुछ राज्यों में 26 मार्च को मुख्य अवकाश रखा गया है, जबकि कुछ राज्यों में 27 मार्च को छुट्टी दी गई है। उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे अलग नजर आ रहा है, जहां सरकार ने दो दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

उत्तर प्रदेश में दो दिन की छुट्टी

उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनवमी को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए 26 और 27 मार्च, दोनों दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। खास बात यह है कि 28 मार्च को चौथा शनिवार और 29 मार्च को रविवार पड़ रहा है, जिससे प्रदेश के छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को लगातार चार दिन का लंबा अवकाश मिल रहा है।

आज किन राज्यों में बंद हैं स्कूल?

दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसे राज्यों में 26 मार्च को रामनवमी का प्रमुख अवकाश माना गया है। इन राज्यों में सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अधिकांश निजी शिक्षण संस्थान भी बंद हैं। हालांकि कुछ निजी स्कूलों ने स्थानीय परिस्थितियों और अपने प्रबंधन के आधार पर अलग निर्णय लिया है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें। बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में 27 मार्च को रामनवमी का अवकाश रखा गया है। बिहार के शिक्षा विभाग के अवकाश कैलेंडर के अनुसार सरकारी स्कूलों में 27 मार्च को छुट्टी निर्धारित है। वहीं वैष्णव परंपरा का पालन करने वाले समुदाय और ISKCON से जुड़े कई संस्थानों में भी 27 मार्च को ही राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसके चलते वहां अगले दिन अवकाश रहेगा।

पश्चिम और दक्षिण भारत में अलग तस्वीर

महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में रामनवमी को लेकर अवकाश व्यवस्था एक समान नहीं है। महाराष्ट्र के कुछ बड़े शहरों, जैसे मुंबई और नागपुर में 26 मार्च को स्कूलों और बैंकों में छुट्टी देखी जा रही है। दूसरी ओर गुजरात और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में इसे वैकल्पिक अवकाश के रूप में रखा गया है। वहीं तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में सामान्यतः रामनवमी पर स्कूल बंद नहीं किए जाते और शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहती हैं। Ram Navami 2026

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दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता बने पीएम मोदी, ग्लोबल सर्वे में फिर मारी बाजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने एक बार फिर विश्व मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। अमेरिका की जानी-मानी डेटा एनालिटिक्स संस्था मॉर्निंग कंसल्ट के ताजा वैश्विक सर्वे में पीएम मोदी 68 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनकर उभरे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Mar 2026 09:32 AM
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PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने एक बार फिर विश्व मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। अमेरिका की जानी-मानी डेटा एनालिटिक्स संस्था मॉर्निंग कंसल्ट के ताजा वैश्विक सर्वे में पीएम मोदी 68 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनकर उभरे हैं। यह सर्वे 2 से 8 मार्च 2026 के बीच जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें विभिन्न देशों के वयस्क नागरिकों की राय को सात दिनों के मूविंग एवरेज के रूप में शामिल किया गया। इस ताजा रिपोर्ट ने न केवल मोदी की घरेलू सियासी पकड़ को रेखांकित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता और प्रभाव लगातार मजबूत हो रहा है।

पीएम मोदी 68% अप्रूवल के साथ शीर्ष पर

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल घरेलू राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ी है। यही वजह है कि वे एक बार फिर इस वैश्विक सूची में सबसे आगे दिखाई दिए। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग 62 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। अगर अन्य बड़े नेताओं की बात करें तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 39 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली, जो पीएम मोदी से काफी पीछे है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को 24 प्रतिशत समर्थन मिला। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों केवल 17 प्रतिशत अप्रूवल के साथ सूची के निचले हिस्से में रहे, जबकि उनके खिलाफ 75 प्रतिशत डिसअप्रूवल दर्ज किया गया।

लोकप्रियता के साथ रिकॉर्ड भी बना रहे हैं पीएम मोदी

सर्वे यह भी बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी की नेट अप्रूवल रेटिंग भी मजबूत बनी हुई है। उनके खिलाफ असहमति जताने वालों का प्रतिशत 26 रहा, जो कई अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में कम है। इससे साफ संकेत मिलता है कि मोदी की जनस्वीकृति अभी भी मजबूत आधार पर टिकी हुई है। इससे पहले जुलाई 2025 में जारी मॉर्निंग कंसल्ट की रिपोर्ट में भी पीएम मोदी 75 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता रहे थे। राजनीतिक उपलब्धियों के लिहाज से भी प्रधानमंत्री मोदी का दौर रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। 25 जुलाई 2025 को उन्होंने लगातार कार्यकाल के मामले में इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया और भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक बिना रुकावट प्रधानमंत्री पद संभालने वाले नेता बन गए। इस सूची में अब उनसे आगे केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं। PM Modi

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