Charles Shobhraj- 21 साल बाद जेल से रिहा हो रहा कई देशों का सिरदर्द बना बिकनी किलर, प्यार में पागल थी कई लड़कियां
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 12:35 PM
जुर्म की दुनिया में 'बिकनी किलर' के नाम से मशहूर चार्ल्स शोभराज (Charles Shobhraj) एक बार फिर से सुर्खियों में छाया हुआ है। कई देशों की पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका चार्ल्स शोभराज साल 2003 से नेपाल की जेल में बंद था। 21 साल की सजा पूरी करने के बाद अब नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने उसकी रिहाई का आदेश दे दिया है। शोभराज ने कोर्ट में रिहाई की याचिका दायर की थी। उसकी अर्जी को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट की जज सपना प्रधान मल्ला और तिल प्रसाद श्रेष्ठ की बेंच ने रिहाई का आदेश जारी किया है।
कौन है चार्ल्स शोभराज और क्यों पड़ा उसका बिकनी किलर नाम, आइए जानते हैं सब कुछ विस्तार में -
चार्ल्स शोभराज का जन्म 6 अप्रैल 1944 में वियतनाम में हुआ था। इसके पिता भारतीय और मां वियतनाम की थी। इसके मां और पिता की शादी नहीं हुई थी। बाद में वियतनाम में तैनात फ्रांस के एक फौजी लेफ्टिनेंट ने इसकी मां और इसे अपना लिया। इस तरह से शोभराज को फ्रांस की नागरिकता मिल गई।
जुर्म की दुनिया में शोभराज का पहला कदम -
युवावस्था में जुर्म की दुनिया में इस ने अपना पहला कदम रखा। साल 1963 में चोरी के जुर्म में पहली बार शोभराज को जेल जाना पड़ा। फ्रांस के पेरिस शहर से दूर एक एकांत जगह पर बनी पोईसी जेल में खूंखार कैदियों के बीच इसे रहना पड़ा। चार्ल्स जेल से बाहर तो निकल आया लेकिन जुर्म की दुनिया से बाहर नहीं निकल पाया। जेल से छूटने के बाद यह हाई सोसाइटी में लोगों को अपने जाल में फंसाने लगा। फ्रांस में इसने कई तरह के घोटाले किए और खूब सारा पैसा इकट्ठा कर, यह यूरोप छोड़कर भारत आ गया।
चार्ल्स ने भारत में फैलाया अपने जुर्म का जाल -
यूरोप से भारत आकर चार्ल्स शोभराज ने यहां पर अपने जुर्म का जाल फैलाया। यूरोप छोड़ने से पहले इसने सेंटाल नाम की एक महिला के साथ शादी की। भारत आकर पत्नी के साथ मिलकर यह पर्यटकों को लूटता, और उनके पासपोर्ट पर पूरी दुनिया घूमता। भारत में मुंबई शहर में इसने अपना बसेरा बनाया और यहीं पर सेंटाल ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के जन्म के बाद इसका जुर्म और भी अधिक बढ़ गया।
साल 1970 के दौर में चार्ल्स शोभराज ने भारत में कई जुर्मो को अंजाम दिया। चोरी की कारों की दलाली करना और रईस भारतीयों को वो कार बेचना, पाकिस्तान और ईरान से कारों की चोरी कर बॉर्डर के रास्ते उन्हें भारत ले आना यह सब उसका धंधा बन चुका था।
जुएं में गंवा बैठा सब कुछ -
रईस लोगों से जान पहचान बढ़ने के बाद चार्ल्स शोभराज भारत की एक 'फ्रेंच सोसायटी' से जुड़ गया। इस सोसाइटी से जुड़ने के बाद कई और रसूखदार लोगों से इसकी पहचान बढ़ी जिनके साथ मिलकर इसने जुआ खेलना शुरू कर दिया। एक समय ऐसा आया जब जुएं में चार्ल्स ने अपनी सारी जमा पूंजी गंवा दी। इसके बाद यह लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने लगा। दिल्ली के अशोका होटल की छत पर इसमें एक लूट की घटना को अंजाम दिया। हालांकि दिल्ली से मुंबई जाने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचते ही कस्टम विभाग के अधिकारियों को इस पर शक हुआ और इसके बैग को जब्त कर लिया गया। बाद में इसे गिरफ्तार किया गया और दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद कर दिया गया।
ऐसे पड़ा बिकनी किलर नाम -
लड़कियों को अपने जाल में फंसाना, उन्हें ड्रग्स देना और फिर उनका मर्डर कर देना इसके लिए एक आम बात थी। चार्ल्स शोभराज (Charles Shobhraj) दिखने में किसी हीरो से कम नहीं था। अपनी लुभावनी पर्सनालिटी के चलते ये महिलाओं से आसानी से दोस्ती कर लेता था। साल 1975 में एक महिला पर्यटक पहली बार इसका निशाना बनी। अपने भारतीय साथी अजय चौधरी के साथ मिलकर थाईलैंड में इसने पहली हत्या को अंजाम दिया था। महिला पर्यटक टेरेसा नॉल्टन बिकनी पहने हुए पूल में मृत पाई गई थी। 70 के दशक में चार्ल्स ने साउथ ईस्ट एशिया में 12 पर्यटकों को मौत के घाट उतारा था। इसका निशाना अक्सर वह महिला पर्यटक बनती थी जो बिकनी पहनती थी। जिन महिला पर्यटकों की हत्याएं की गई वह सभी बिकनी में पाई गई, यही वजह है कि इसे 'बिकनी किलर' नाम दे दिया गया। ये पर्यटक महिलाओं से दोस्ती कर उन्हें ड्रग्स देता था और फिर उनके सामान और पहचान को चुरा लेता था। और बाद में उनकी हत्या कर देता था। लोगों को धोखा देने व पुलिस से बच निकलने की वजह से इसे ' द सर्पेंट' नाम भी दिया गया।
फिल्मकारों ने 'बिकनी किलर' की कहानी में दिखाई बेहद रूचि -
दुनिया भर में मशहूर कुख्यात अपराधी चार्ल्स शोभराज (Charles Shobhraj) देश विदेश के फिल्मकारों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया। इसके जीवन पर फिल्म और वेब सीरीज बन चुकी है। साल 2015 में प्रवाल रमन ने इसके जीवन पर एक फिल्म बनाई, जिसका नाम रखा गया 'मैं और चार्ल्स '। इस फिल्म में बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा लीड रोल में थे, और चार्ल्स शोभराज का केस देखने वाले वरिष्ठ पुलिस अफसर आमोद कंठ का किरदार निभाया था आदिल हुसैन ने।
बाद में नेटफ्लिक्स ने इस कुख्यात अपराधी के ऊपर दिलचस्पी दिखाते हुए एक वेब सीरीज बनाई। 'द सर्पेंट' नाम की वेब सीरीज में फ्रेंच एक्टर तहर रहीम ने चार्ल्स शोभराज का किरदार निभाया है।
9 देशों की पुलिस को था चार्ल्स शोभराज का इंतजार सिर्फ चार देश हुए सफल -
दुनिया भर के कई देशों में अपने जुर्म का कहर ढा चुका कुख्यात अपराधी चार्ल्स, भारत, नेपाल, म्यांमार, थाईलैंड, फ्रांस, ग्रीस, ईरान, तुर्की जैसे कई देशों की पुलिस के लिए सरदर्द बन चुका था। इनमें से 4 देशों की पुलिस इसे कैदी बनाने में हुई सफल। सबसे पहले फ्रांस में इसे गिरफ्तार किया गया था। साल 1976 में इससे भारत के तिहाड़ जेल में भेजा गया, जहां पर इस पर लूटपाट के साथ दिल्ली में फ्रेंच टूर पार्टी के 22 सदस्यों को ड्रग्स देने का भी आरोप लगाया गया। इसी दरमियान थाईलैंड की पुलिस ने भी चार्ल्स के खिलाफ ड्रग्स और मर्डर के मामले में अरेस्ट वारंट जारी किया था। क्योंकि इस मामले में थाईलैंड में उसे मौत की सजा हो सकती थी, यही वजह थी कि चार्ल्स (Charles Shobhraj) तिहाड़ जेल से भाग निकला और जब दोबारा उसे गिरफ्तार किया गया तो उसने अपनी सजा बढ़वा ली। साल 1997 में तिहाड़ जेल से अपनी सजा पूरी कर जब वह रिहा हुआ, उसके बाद फ्रांस चला गया।
साल 2003 में नेपाल यात्रा के दौरान उसे नेपाल में हिरासत में ले लिया गया। तब से वह नेपाल की जेल में बंद है। कोर्ट ने वहां उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी जो कि अब पूरी हो चुकी है। पूरे 21 साल बाद चार्ल्स एक बार फिर जेल से रिहा होकर वापस आ रहा है। 78 वर्ष की अवस्था में, 21 वर्ष कैद में रहने के बाद, आजादी मिलने पर अब चार्ल्स शोभराज (Charles Shobhraj) का कौन सा रूप दुनिया को देखने को मिलेगा यह देखने वाली बात होगी।