
नारंगी और हरा रंग दे मुझे, मुल्क के रंग में तू आ रंग दे मुझे।
मज़हबों में दोस्ती हो प्यार हो, बस अमन की ये हवा रंग दे मुझे।
सजदे में बैठा हुआ सोचा करूं, एक पल ही को खुदा रंग दे मुझे।
अब तो सूरत एक ही दिखे मेरी, मुझको मुझसे ही मिला रंग दे मुझे।
अब खुशी हो या गमी हो फर्क क्या, वक्त के सांचे ढला रंग दे मुझे।
आपकी आंखों की मस्ती देख कर, मैकादा भी कह उठा रंग दे मुझे
फिर सचिन के शॉट पे उछले सभी, बचपने ने फिर कहा रंग दे मुझे।
कब ना जाने जिंदगी की शाम हो, जा रहे पल ने कहा रंग दे मुझे।
भूल जाएं सब गिले शिकवे सभी, भर के पिचकारी चला रंग दे मुझे।