इन 8 व्यंजनों के बिना अधूरी मानी जाती है छठ पूजा, जरूर बनाएं ये पकवान
भारत
चेतना मंच
15 Oct 2025 04:42 PM
दिवाली की रौशनी के बाद जैसे ही कार्तिक महीने का सूरज ढलता है देश के कई हिस्सों में श्रद्धा, आस्था और शुद्धता का प्रतीक महापर्व छठ पूजा का माहौल बन जाता है। खासकर बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल में इस त्योहार की अलग ही धूम होती है। चार दिवसीय इस पर्व की शुरुआत जहां 'नहाय–खाय’ से होती है वहीं समापन उषा अर्घ्य के साथ होता है लेकिन छठ सिर्फ व्रत और सूर्य को अर्घ्य देने तक सीमित नहीं है। इस पर्व की आत्मा छिपी है उन पारंपरिक पकवानों में जो पीढ़ियों से इस उत्सव का हिस्सा रहे हैं। ये न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होते हैं बल्कि इनमें हमारी सांस्कृतिक विरासत और शुद्धता की झलक भी मिलती है। Chhath Puja 2025
गेहूं का आटा, गुड़ और घी से बना यह मीठा पकवान लकड़ी के सांचे में आकार देकर तला जाता है। ठेकुआ न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि श्रद्धा और परंपरा का प्रतीक भी माना जाता है।
रसियाव (गुड़ की खीर)
छठ के अर्घ्य वाले दिन बनने वाली गुड़ की खीर खास महत्व रखती है। इसे चावल, दूध और देसी गुड़ से तैयार किया जाता है और परिवारजनों को प्रसाद रूप में बांटा जाता है।
कद्दू-भात
‘नहाय–खाय’ के दिन अरवा चावल के साथ देसी कद्दू की सब्जी और चने की दाल बनाई जाती है। यह भोजन शरीर की शुद्धता और व्रत की शुरुआत का प्रतीक है।
चना दाल-भात और लौकी की सब्जी
साधारण लेकिन पवित्र संयोजन। देसी घी में पकी यह थाली व्रतियों को ऊर्जा देती है और व्रत पालन के लिए तैयार करती है।
रोटी और गुड़
छठ में बनी सादी रोटी को गुड़ के साथ खाया जाता है। यह पकवान खास तौर पर अर्घ्य वाले दिन परिवार में साझा किया जाता है।
सत्तू और मठा
सत्तू और मठा को छठ पूजा में पाचन और ऊर्जा के लिए विशेष माना जाता है। व्रती महिलाएं इसे उपवास के बीच हल्के पेय के रूप में लेती हैं।
केला और दूध
केला, नारियल, सेब और दूध जैसे फल छठ अर्घ्य में अर्पित किए जाते हैं। यह शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है।
बेसन या चावल के लड्डू, गुड़ से बनी मिठाइयां पूजा के बाद घर–घर जाकर बांटी जाती हैं। ये घर की रसोई से निकली श्रद्धा की मिठास होती है। छठ पूजा केवल पूजा-पाठ का सिलसिला नहीं है, बल्कि यह पर्व आत्मसंयम, शुद्धता और पारिवारिक एकता का संदेश देता है। खास बात यह है कि इस पर्व में कोई पंडित या पाखंड नहीं होता भक्त खुद अपनी श्रद्धा से सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं। Chhath Puja 2025