आस्था और भक्ति का महापर्व छठ पूजा आज से पूरे देश में शुरू हो चुका है। बिहार से लेकर दिल्ली तक घाटों पर सूरज देव की आराधना का नजारा देखने को मिल रहा है। हर घर में पूजा की तैयारियों के साथ-साथ छठ गीतों की मधुर गूंज भी सुनाई दे रही है। दीपावली के बाद जब भक्ति की लहरें फिर उठती हैं तो हवा में बस एक ही धुन तैरती है “उग हे सूरज देव।” Chhath Puja
छठ गीतों को दिग्गज गायिकाओं ने और भी पावन बना दिया है। शारदा सिन्हा, अनुराधा पौडवाल, मालिनी अवस्थी और कल्पना पटोवर जैसी कलाकारों की आवाजें इस पर्व की पहचान बन चुकी हैं। भोर की लालिमा में जब घाटों पर महिलाएं आरती की थाल सजाती हैं, तो हर स्वर में भक्ति, श्रद्धा और संगीत का संगम झलकता है।
“हो दीनानाथ” छठ की अमर धुन
बिहार की कोकिला शारदा सिन्हा का गीत “हो दीनानाथ” जो साल 1986 में रिकॉर्ड हुआ था आज भी हर घाट और घर में गूंजता है। शारदा सिन्हा की आवाज में जब “उग हे सूरज देव” की पुकार उठती है तो श्रद्धालुओं के मन में भक्ति की लहर दौड़ जाती है। यह गीत YouTube पर 5.5 करोड़ से अधिक बार सुना जा चुका है जो इसकी लोकप्रियता का स्पष्ट प्रमाण है।
लोकगीतों में छिपी आस्था
छठ सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है। सुबह की ठंडी हवा, घाटों पर जाती महिलाएं और बैकग्राउंड में बजते छठ गीत ये दृश्य हर श्रद्धालु के दिल में बस जाते हैं। अनुराधा पौडवाल का गीत “छठी मईया घर हमार” और कल्पना पटोवर का “कांच ही बांस के बहंगिया” सालों से लोकप्रिय हैं और YouTube व लोक चैनलों पर लाखों बार सुने जा चुके हैं।
छठ गीतों के बिना पर्व अधूरा
चार दिन चलने वाले इस महापर्व में हर रस्म चाहे नहाय-खाय हो या संध्या अर्घ्य गीतों के बिना अधूरी लगती है। इन गीतों में मां की ममता, सूरज देव की उपासना और जीवन के संघर्ष की मिठास झलकती है। यही कारण है कि छठ गीत सिर्फ धुन नहीं बल्कि पीढ़ियों से जुड़ी एक अमूल्य परंपरा बन गए हैं।
छठ पूजा के गीत न केवल धार्मिक हैं बल्कि यह लोक संस्कृति का भी प्रतीक हैं। घाटों पर जब महिलाएं एक सुर में गाती हैं “उग हे सूरज देव, भइल भोर”, तो दृश्य किसी दिव्य लोक जैसा प्रतीत होता है। यही छठ पूजा की असली खूबसूरती है जहां सूरज देव को अर्घ्य देने के साथ संगीत की लहरें भी समर्पित होती हैं। आज, 25 अक्टूबर से घाटों पर भक्ति का समुंदर उमड़ा है और हर गली में यही आवाज गूंज रही है। छठ पूजा में गीतों के बिना माहौल की कल्पना करना संभव नहीं। Chhath Puja