2026 मॉडल Goan Classic 350 भारत में लॉन्च, जानें कीमत और फीचर्स

Royal Enfield ने भारतीय बाजार में अपनी नई Goan Classic 350 (2026 मॉडल) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह बाइक बॉबर स्टाइल सेगमेंट में पेश की गई है और क्लासिक रेट्रो लुक के साथ मॉडर्न फीचर्स का बेहतरीन कॉम्बिनेशन पेश करती है।

2026 Goan Classic 350
2026 Goan Classic 350 (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar13 Jan 2026 11:19 AM
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कंपनी ने इस बाइक को खासतौर पर डेली राइडिंग को आसान और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से अपडेट किया है। Goan Classic 350 अब देशभर के Royal Enfield डीलरशिप्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध है।

कीमत और कलर ऑप्शन

बता दें कि Royal Enfield Goan Classic 350 को कुल चार आकर्षक कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। Shack Black और Purple Haze कलर वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत ₹2,19,787 रखी गई है। वहीं Trip Teal Green और Rave Red कलर ऑप्शन के लिए ₹2,22,593 (एक्स-शोरूम) चुकाने होंगे। कीमत के लिहाज से यह बाइक प्रीमियम बॉबर सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बनकर सामने आती है।

2026 मॉडल में क्या हैं नए अपडेट्स?

बता दें कि 2026 Goan Classic 350 में सबसे बड़ा अपडेट असिस्ट-एंड-स्लिपर क्लच का दिया जाना है। इससे क्लच ऑपरेशन पहले के मुकाबले काफी हल्का हो गया है, जिससे ट्रैफिक में बाइक चलाना आसान होगा और लंबी दूरी की राइड में हाथों पर कम दबाव पड़ेगा। इसके अलावा, तेज रफ्तार पर गियर शिफ्ट करते समय रियर व्हील स्लिप होने की संभावना भी कम हो जाती है। इसके साथ ही बाइक में अब USB Type-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट दिया गया है, जिससे राइड के दौरान स्मार्टफोन या अन्य डिवाइस को आसानी से चार्ज किया जा सकता है।

इंजन, पावर और राइडिंग एक्सपीरियंस

बता दें कि Royal Enfield Goan Classic 350 में 349cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-ऑयल कूल्ड इंजन मिलता है, जो 20.2 bhp की पावर, 27 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन के साथ 5-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है। यह इंजन तेज रफ्तार से ज्यादा स्मूद, शांत और स्थिर राइडिंग के लिए जाना जाता है, जो शहर और हाईवे दोनों पर बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है।

डिजाइन और मुकाबला

डिजाइन की बात करें तो Goan Classic 350 में बॉबर स्टाइल सिंगल सीट, व्हाइटवॉल टायर्स, ट्यूबलेस स्पोक व्हील्स, ऊंचा हैंडलबार और कस्टम लुक देने वाला साइलेंसर दिया गया है, जो इसे एक अलग पहचान देता है। भारतीय बाजार में इस बाइक का मुकाबला Jawa 42 Bobber, Jawa Perak, Honda CB350, Harley-Davidson X440 और Yezdi Roadster जैसी बाइक्स से होगा।

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बीएमसी चुनाव से पहले अंबरनाथ में राजनीतिक उबाल

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल तेज होता जा रहा है। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद एक बार फिर राजनीतिक घमासान का केंद्र बन गई है। उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आज सोमवार (12 जनवरी) को हुई है।

Maharashtra Brihanmumbai Municipal Corporation
महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल तेज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar12 Jan 2026 08:32 PM
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बता दें कि आम सभा की बैठक के दौरान भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। बैठक के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि गुस्साए बीजेपी पार्षदों ने शिवसेना समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की और चप्पलें तक लहराईं, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।

सत्ता संघर्ष की जड़ में उपाध्यक्ष पद

बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में पिछले महीने हुए चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से अपनी उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील को परिषद अध्यक्ष चुना था। हालांकि, उपाध्यक्ष पद का चुनाव अब सत्ता संघर्ष का नया केंद्र बन गया है।

‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ का गठन और टूटन

बता दें कि 20 दिसंबर को हुए नगर परिषद चुनावों के बाद भाजपा की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) का गठन किया था। इस गठबंधन के जरिए शिवसेना को सत्ता से बाहर रखा गया, जबकि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 60 सदस्यीय नगर परिषद में शिवसेना के 27, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के 4 और दो निर्दलीय पार्षद थे। AVA के पास शुरुआत में 32 सदस्यों का बहुमत था। हालांकि, इस गठबंधन से नाराज कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए।

शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 32

बता दें कि राजनीतिक समीकरण उस समय बदले जब एनसीपी के चार पार्षदों ने बीजेपी से समर्थन वापस लेकर शिवसेना का दामन थाम लिया। इससे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और परिषद में उनका प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो गया।

व्हिप को लेकर विवाद

बता दें कि आज की बैठक के दौरान भाजपा ने AVA के सभी घटकों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटिल के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया। हालांकि, एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया। स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने भी AVA के अस्तित्व को खत्म घोषित कर दिया।शिवसेना ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया है।

मतगणना के बाद आएगा फैसला

बता दें कि बैठक में हुए हंगामे के बावजूद उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। आधिकारिक परिणाम औपचारिक मतदान और मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। अंबरनाथ नगर परिषद का यह सियासी संग्राम आने वाले BMC चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है।

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60 साल में नहीं 62 साल में रिटायर होंगे सरकारी कर्मचारी ?

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केंद्र कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र पर वायरल मैसेज की सच्चाई
केंद्र कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र पर वायरल मैसेज की सच्चाई
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar12 Jan 2026 05:19 PM
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National News : भारत में सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को 60 साल की उम्र में रिटायर किया जाता है। भारत में अब सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को 60 साल में नहीं बल्कि 62 साल की उम्र में रिटायर किया जाएगा। सरकारी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 62 साल कर दी गई है। इस प्रकार की एक खबर सोशल मीडिया पर खूब प्रसारित की जा रही है। क्या वास्तव में रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 60 साल से 62 साल कर दी गई है? यह सवाल बहुत महत्वपूर्ण है।

क्या है रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने वाली खबर का सच ?

चेतना मंच ने रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने वाली खबर की सच्चाई का पता लगा लिया है। सच्चाई यह है कि भारत सरकार ने सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों की रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का कोई फैसला नहीं लिया है। सोशल मीडिया पर चलाई जा रही रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने वाली खबर पूरी तरह से झूठी  खबर है। कुछ झूठ फैलाने वाले लोगों ने सोशल मीडिया पर यह झूठी खबर चलाई है कि रिटायरमेंट की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल कर दी गई है।

भारत सरकार ने कर दिया इस खबर का खंडन

सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को रिटायर करने की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल कर दी गई है।  इस खबर का भारत सरकार ने खंडन कर दिया है। भारत सरकार के प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने भारत सरकार की तरफ से इस खबर का खंडन किया है। PIB ने एक्स पर पोस्ट किया "सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक खबर में दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की रिटायरमेंट की उम्र में 2 साल की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह दावा फर्जी है। National News



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