
आज का दौर पूरी तरह से डिजिटल युग में बदल चुका है। बाजार से लेकर कारोबार तक, शिक्षा से लेकर नौकरी के इंटरव्यू तक—हर चीज अब इंटरनेट के जरिए संचालित हो रही है। इसी डिजिटल बदलाव के दौर में, बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों और मोबाइल उपयोग पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट सामने आई है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने हाल ही में चिल्ड्रन इन इंडिया 2025 रिपोर्ट जारी की, जो बच्चों और उनकी डिजिटल आदतों पर गहन प्रकाश डालती है। Children In India 2025 Report
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 62% बच्चे इंटरनेट और डिजिटल दुनिया में प्रवेश पाने के लिए अपने अभिभावकों के मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं, और जिन बच्चों के पास मोबाइल है, उनमें से 92% गेम खेलने के लिए इसे प्राथमिक रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। इस रिपोर्ट के खुलासे यह बताते हैं कि देश की नई पीढ़ी केवल मोबाइल पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह डिजिटल दुनिया उनके जीवन का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है। आइए, जानते हैं इस रिपोर्ट में और कौन-कौन से तथ्य सामने आए हैं और ये हमारे बच्चों और भविष्य के लिए क्या संदेश रखते हैं।
देश की नई पीढ़ी अब पूरी तरह मोबाइल पर निर्भर हो चुकी है। चिल्ड्रन इन इंडिया 2025 रिपोर्ट बताती है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले बच्चों में सबसे ज्यादा मोबाइल फोन का ही प्रयोग हो रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 62% बच्चे अपने अभिभावकों के मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि केवल 19% बच्चे लैपटॉप या टैबलेट का उपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 8 से 18 साल की उम्र वाले लगभग 30% बच्चों के पास अपना खुद का फोन है। यह आंकड़ा साफ करता है कि डिजिटल इंडिया के इस नए दौर में बच्चों की ऑनलाइन मौजूदगी और उनकी मोबाइल आदतें तेजी से बदल रही हैं।
चिल्ड्रन इन इंडिया 2025 रिपोर्ट में बच्चों की मोबाइल और इंटरनेट पर निर्भरता को विस्तार से उजागर किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की प्राथमिक गतिविधियाँ किस तरह बंटती हैं। आंकड़ों के अनुसार, 94.8% बच्चे गेम खेलने के लिए मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि 40% बच्चे व्हाट्सऐप जैसे सोशल ऐप्स का उपयोग कर रहे हैं। मनोरंजन के लिए भी मोबाइल का व्यापक इस्तेमाल देखा गया है—31.3% बच्चे गाने सुनने और 31% बच्चे स्टडी मटेरियल डाउनलोड करने के लिए मोबाइल का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा, 20.8% बच्चे ऑनलाइन क्लास में हिस्सा लेने के लिए मोबाइल और इंटरनेट पर निर्भर हैं। Children In India 2025 Report