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रिपोर्ट्स के मुताबिक, वांग यी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने के लिए ही भारत यात्रा पर आए थे। वांग यी शुक्रवार को उनसे मुलाकात करना चाहते थे, पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के शपथ ग्रहण समारोह का बहाना बनाते हुए मिलने से इससे इंकार कर दिया। दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को लखनऊ में थे। वांग यी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात करने के बाद उन्हें चीन आने का निमंत्रण दिया है। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की ओर से इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी गई है। NSA की ओर से कहा गया है कि, मौजूदा मुद्दों के समाधान के बाद वह बीजिंग की यात्रा कर सकते हैं।Notice to Lord Shiva: तहसीलदार ने भेजा भगवान शिव कोर्ट में हाजिर होने की नोटिस
चीन के विदेश मंत्री के साथ शुक्रवार को उच्च प्रतिनिधि मंडल स्तरीय वार्ता के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि, भारत और चीन के बीच में जो मौजूदा स्थिति है, उसकी प्रगति काफी धीमी है। जयशंकर ने कहा कि वह वांग यी से मिले और भेट के दौरान मौजूदा स्थिति में तेजी लाने पर चर्चा हुई।
भारत के विदेश मंत्री ने कहा कि, 2020 में सीमा पर चीन की कार्रवाइयों के दौरान दोनों देशों के द्वि-पक्षीय संबंधों पर असर पड़ा हैं, और इसमें बाधा पहुंची हैं। 2 साल के दौरान सीमाई क्षेत्रों में तनाव का असर 2 देशों के बीच नजर आया। हमारे बीच में इस आधार को मजबूत करने तथा सामने आ रही मुश्किलों को दूर करने का समझौता भी है।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने भी चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से सीमा पर अंतरराष्ट्रीय समझौतो की अनुपालना पर जोर दिया। चीन की सेनाओं को पूरी तरह से पीछे ले जाने के लिए कहा और साथ मिलकर द्वि-पक्षीय संबंधों को नए चरण में ले जाने चर्चा की।