China :चीन की विस्तारवादी नीति, एलएसी पर हाइवे की मेगा योजना बना रहा है ड्रैगन
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 03:47 PM
China: चीन अपनी विस्तारवादी नीति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। उसकी किसी भी बात पर यकीन करना खुद को धोखा देने जैसा होता है। खरबों के व्यापारिक रिश्ते के बावजूद चीन की नजर भारत की जमीन पर हमेशा रहती है। बीते कुछ वर्षों में चीन के सैनिकों की घुसपैठ और भारतीय सैनिकों के साथ झड़प के बाद दोनों देशों के बीच टेंशन कम करने की हर कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। राजनयिक और कई दौर की कमांडर लेवल की बातचीत के बावजूद चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन अब अपनी कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए उन इलाकों को भी कवर कर रहा है, जो सवालों के घेरे में है। उसकी साजिशों की एक लंबी फेहरिस्त हर दो चार दिन पर नजर आ जाती है। सीमा पर ताकत बढ़ाने के लिए लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी पर नए हाइवे की मेगा योजना बना रहा है।
चीन भारत की सीमा के पास हाइवे की बड़ी योजना पर काम कर रहा है। तिब्बत के लिंजे प्रांत से शिंजियांग के मांजा तक हाइवे बनाने की तैयारी की जा रही है। पिछले हफ्ते जिस तरह से जी695 नाम के इस हाइवे का प्लान सामने आया था, उसी के तहत ये चीनी रणनीति का हिस्सा है, इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं। प्रस्तावित हाइवे दक्षिण तिब्बत में एलएसी के पास विवादित इलाके से भी गुजरेगा। बड़ी बात ये सामने आ चुकी है कि जो रूट तय किए जा रहे हैं, उसको लेकर प्रोजेक्ट में कई ऐसे स्थान भी हैं, जिस पर भारत भी सख्त ऐतराज जताता आ रहा है।
चीन कुल 345 निर्माण पर काम कर रहा है। इसके लिए 2035 तक का टारगेट है। 2035 तक एक सड़क का निर्माण करने की योजना बना रहा है, जो एलएसी के ठीक उत्तर में सिक्किम की सीमा से लगे कम्बा काउंटी और नेपाल की सीमा के पास ग्यारोंग काउंटी में स्थित है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नए निर्माण का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन राजमार्ग पूरा होने पर एलएसी पर देपसांग मैदान, गलवान घाटी और हाट स्प्रिंग्स जैसे विवादित क्षेत्रों के पास से होकर भी जा सकता है।