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संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि अब समय आ गया है जब पार्टी अपने पहले वादे को जमीन पर उतारेगी और जमीनी स्तर पर फैले भ्रष्टाचार का खुलासा किया जाएगा। सीजेआई सूर्यकांत की बेरोजगारी को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अचानक चर्चा में आ गया था।

Cockroach Janata Party : देश की सोशल मीडिया राजनीति में अचानक सुर्खियों में आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने अपने पहले ही बड़े दावे को अमल में लाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि अब समय आ गया है जब पार्टी अपने पहले वादे को जमीन पर उतारेगी और जमीनी स्तर पर फैले भ्रष्टाचार का खुलासा किया जाएगा। सीजेआई सूर्यकांत की बेरोजगारी को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद यह डिजिटल प्लेटफॉर्म अचानक चर्चा में आ गया था। इसके बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त उछाल दर्ज किया और महज कुछ ही दिनों में इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या ने कई स्थापित राजनीतिक दलों को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, भारत में इसका एक्स (X) अकाउंट प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि अन्य देशों में इसकी गतिविधियां अब भी जारी हैं। Cockroach Janata Party
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पत्रकारों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि अब भ्रष्टाचार के खिलाफ खुला जन आंदोलन खड़ा करने का समय आ गया है। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्रों से जुड़े मामलों की जानकारी साझा करें। उनका कहना है कि लोग समस्याएं, सुझाव, दस्तावेज, फोटो, वीडियो, स्थानों की जानकारी और भ्रष्टाचार में कथित रूप से शामिल अधिकारियों के नाम साझा करें, ताकि एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा सके और जवाबदेही तय की जा सके। बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के फॉलोअर्स 1.90 करोड़ से अधिक हो चुके हैं, जो कई पारंपरिक राजनीतिक दलों से अधिक हैं। Cockroach Janata Party
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने खुद को भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव लाने वाला डिजिटल आंदोलन बताते हुए तीन मुख्य उद्देश्य घोषित किए हैं—
1. राजनीतिक विमर्श में बदलाव - पार्टी का कहना है कि भारतीय राजनीति लंबे समय से धार्मिक ध्रुवीकरण के मुद्दों में उलझी रही है। CJP का लक्ष्य है कि ध्यान रोजगार, शिक्षा, उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा जैसे बुनियादी मुद्दों की ओर केंद्रित किया जाए।
2. व्यवस्था की जवाबदेही - पार्टी के अनुसार, यदि युवाओं को लगता है कि प्रशासन या व्यवस्था उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है, तो उन्हें सवाल उठाने और जवाब मांगने का अधिकार होना चाहिए।
3. लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता - CJP का दावा है कि न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता लोकतंत्र की रीढ़ है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। Cockroach Janata Party
पार्टी ने अपना विस्तृत पांच सूत्रीय एजेंडा भी सार्वजनिक किया है, जिसमें कई कड़े और नीतिगत बहस छेड़ने वाले प्रस्ताव शामिल हैं। इन प्रस्तावों के तहत यह मांग उठाई गई है कि मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्हें किसी भी सरकारी पद या राज्यसभा जैसे राजनीतिक नियुक्तियों से दूर रखा जाए, ताकि न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल न उठें। वहीं चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए सुझाव दिया गया है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों या गलत तरीके से वोट हटाने जैसे मामलों में चुनाव आयुक्तों की जवाबदेही तय की जाए। इसके लिए कठोर कानूनी कार्रवाई तक का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण को 33 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की वकालत की है। राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दल-बदल करने वाले सांसदों और विधायकों पर लंबी अवधि का, लगभग 20 साल तक का चुनावी प्रतिबंध लगाने का सुझाव भी दिया गया है। साथ ही मीडिया स्वतंत्रता और पारदर्शिता पर चर्चा को आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा गया है कि बड़े उद्योगपतियों के स्वामित्व वाले मीडिया संस्थानों के लाइसेंस की समीक्षा कर उन्हें रद्द करने जैसे कड़े कदमों पर विचार किया जाना चाहिए। Cockroach Janata Party
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