अब बिना थिएटर-आर्ट पास किए अगली क्लास नहीं! कक्षा 8 की शिक्षा नीति में नया बदलाव
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 05:38 PM
नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से थिएटर, संगीत, नाटक और दृश्य कला जैसे विषय अब अनिवार्य होंगे। इसका मतलब है कि इन विषयों में उत्तीर्ण हुए बिना छात्र अगली कक्षा में प्रोन्नत नहीं हो सकेंगे। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत किया गया है, जिसका उद्देश्य छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
कला अब मुख्य पाठ्यक्रम का हिस्सा
अब तक कला शिक्षा अधिकतर स्कूलों में वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाई जाती थी, लेकिन अब इसे मुख्य पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इसका मकसद छात्रों को रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए माध्यमों से जोड़ना और उनमें सौंदर्यबोध व संवेदनशीलता को विकसित करना है। इस बदलाव से छात्रों को थिएटर, संगीत, चित्रकला और नाटक के जरिए खुद को बेहतर ढंग से समझने और व्यक्त करने का अवसर मिलेगा।
'कृति' नामक नई किताब होगी गाइड
इस नई व्यवस्था के तहत NCERT ने ‘कृति’ नामक एक विशेष पाठ्यपुस्तक भी लॉन्च की है, जो कक्षा 8 के छात्रों के लिए तैयार की गई है। यह पुस्तक राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) और NEP 2020 की दिशा-निर्देशों के अनुसार बनाई गई है। इसमें छात्रों को प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों पहलुओं से कला शिक्षा प्रदान की जाएगी।
नई किताबें हिंदी और अंग्रेज़ी में भी
NCERT ने इस बार कक्षा 8 के लिए केवल कला शिक्षा ही नहीं, बल्कि हिंदी और अंग्रेज़ी की भी नई किताबें जारी की हैं। हिंदी की पुस्तक ‘मल्हार’ और अंग्रेज़ी की पुस्तक ‘पूर्वी’ नाम से लॉन्च की गई हैं। वहीं, कक्षा 5 के लिए ‘वीणा’ (हिंदी) और ‘संतूर’ (अंग्रेज़ी) नाम की किताबें प्रकाशित की गई हैं।
छात्रों के रचनात्मक विकास की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव केवल एक विषय की पढ़ाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे बच्चों के सोचने, देखने और समझने के तरीके में सकारात्मक बदलाव आएगा। कला के माध्यम से वे न केवल सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को समझ सकेंगे, बल्कि आत्म-अभिव्यक्ति की नई विधाएं भी सीखेंगे। यह पहल शिक्षा को अधिक जीवंत, अनुभवपरक और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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