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अभिजीत दीपके का नाम पहली बार इस तरह चर्चा में नहीं आया है। इससे पहले भी वे राजनीतिक सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा रह चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 से 2022 के बीच वे आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलेंटियर के रूप में जुड़े थे।

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP)। इंस्टाग्राम और X पर इस नाम ने ऐसा माहौल बना दिया है कि लाखों युवा इससे जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। सिर्फ कुछ दिनों में इसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 4 मिलियन फॉलोअर्स पूरे हो चुके हैं। मीम्स, रील्स और वायरल पोस्ट्स के जरिए यह पार्टी युवाओं के बीच तेजी से पॉपुलर हो रही है लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस शख्स की हो रही है वह हैं 30 साल के अभिजीत दीपके। आखिर कौन हैं अभिजीत दीपके, उनका राजनीतिक बैकग्राउंड क्या है और कैसे एक मजाक के तौर पर शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ सोशल मीडिया का बड़ा ट्रेंड बन गई? आइए समझते हैं।
अभिजीत दीपके मूल रूप से महाराष्ट्र के औरंगाबाद, जिसे अब छत्रपति संभाजीनगर कहा जाता है, के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की और बाद में आगे की शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। अभिजीत ने बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस (PR) में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की है। पढ़ाई के दौरान ही उनकी दिलचस्पी डिजिटल मीडिया, राजनीतिक कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया कैंपेन में बढ़ती गई। यही वजह है कि आज वे सोशल मीडिया स्ट्रेटेजी की दुनिया में तेजी से पहचाने जाने लगे हैं।
अभिजीत दीपके का नाम पहली बार इस तरह चर्चा में नहीं आया है। इससे पहले भी वे राजनीतिक सोशल मीडिया कैंपेन का हिस्सा रह चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2020 से 2022 के बीच वे आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम के साथ वॉलेंटियर के रूप में जुड़े थे। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर जो मीम्स और वायरल कैंपेन देखने को मिले थे उनमें अभिजीत की भूमिका बताई जाती है। इसके अलावा वे दिल्ली शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशन एडवाइजर के तौर पर भी काम कर चुके हैं। डिजिटल मीडिया को समझने और युवाओं की भाषा में बात करने की उनकी क्षमता ने उन्हें अलग पहचान दिलाई।
इस पूरे मामले की शुरुआत एक सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणी के बाद हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फर्जी डिग्री से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। हालांकि बाद में कोर्ट की तरफ से स्पष्ट किया गया कि टिप्पणी आम बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं थी लेकिन तब तक सोशल मीडिया पर बहस तेज हो चुकी थी। नौकरी की कमी, पेपर लीक और युवाओं की परेशानियों को लेकर पहले से गुस्सा मौजूद था। इसी माहौल में अभिजीत दीपके ने 16 मई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मजाकिया अंदाज में एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि “क्या हो अगर सारे कॉकरोच एक साथ आ जाएं?” इसके बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के नाम से वेबसाइट और गूगल फॉर्म लॉन्च कर दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी का अंदाज बाकी राजनीतिक संगठनों से बिल्कुल अलग है। इसकी भाषा गंभीर राजनीति वाली नहीं बल्कि मीम्स और इंटरनेट कल्चर वाली है। यही वजह है कि Gen-Z इससे तेजी से जुड़ रहे हैं। पार्टी में शामिल होने की शर्तें भी मजाकिया अंदाज में लिखी गईं। इसमें बेरोजगार, आलसी, 24 घंटे ऑनलाइन रहने वाले और “प्रोफेशनल दुखड़ा रोने” वालों का स्वागत बताया गया। सोशल मीडिया पर लोगों को यह स्टाइल काफी मजेदार लगा और देखते ही देखते लाखों लोग इससे जुड़ने लगे।
इंस्टाग्राम रील्स, मीम्स और वायरल पोस्ट्स की वजह से कॉकरोच जनता पार्टी की पहुंच तेजी से बढ़ी। कई बड़े सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूजर्स ने भी इस ट्रेंड को आगे बढ़ाया। दिलचस्प बात यह रही कि कुछ नेताओं ने भी इस व्यंग्यात्मक अभियान का समर्थन किया। इससे इसकी चर्चा और बढ़ गई। कई लोगों का मानना है कि यह सिर्फ मजाक नहीं बल्कि युवाओं की नाराजगी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को दिखाने का नया तरीका बन गया है।
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