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भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पार्टी के सामने अपने पुराने और ऐतिहासिक दफ्तर 24 अकबर रोड को खाली करने की चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी को 24 अकबर रोड के साथ-साथ 5 रायसीना रोड परिसर को भी खाली करने का नोटिस मिला है।

Congress party : भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पार्टी के सामने अपने पुराने और ऐतिहासिक दफ्तर 24 अकबर रोड को खाली करने की चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी को 24 अकबर रोड के साथ-साथ 5 रायसीना रोड परिसर को भी खाली करने का नोटिस मिला है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इन परिसरों को खाली करने की अंतिम तारीख 28 मार्च तय की गई है। ऐसे में कांग्रेस अब कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर संभावित विकल्पों पर गंभीरता से मंथन कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, कांग्रेस फिलहाल इस मामले में उपलब्ध कानूनी उपायों की समीक्षा कर रही है। साथ ही सरकार से कुछ अतिरिक्त समय मांगे जाने की भी तैयारी है, ताकि इस बीच कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जा सके। चर्चा इस बात पर भी है कि अशोक गहलोत या दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को राज्यसभा के जरिए संसद में लाया जाए, जिससे उनके नाम पर बड़े सरकारी बंगले के आवंटन का रास्ता खुल सके।
24 अकबर रोड सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक विरासत का अहम प्रतीक रहा है। इंदिरा गांधी के दौर से यह पता पार्टी की केंद्रीय राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा। कई बड़े फैसले, रणनीतिक बैठकें और ऐतिहासिक राजनीतिक घटनाएं इसी परिसर से जुड़ी रही हैं। लंबे समय तक 10 जनपथ और 24 अकबर रोड का समीकरण कांग्रेस की केंद्रीय शक्ति-संरचना का अहम हिस्सा माना जाता रहा। दोनों स्थान एक-दूसरे के बेहद करीब होने के कारण पार्टी की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था और संगठनात्मक गतिविधियों के केंद्र बने रहे।
कांग्रेस मुख्यालय का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। आजादी से पहले इलाहाबाद स्थित मोतीलाल नेहरू का आनंद भवन पार्टी की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था। स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस का केंद्रीय दफ्तर नई दिल्ली में स्थापित हुआ। 1969 में कांग्रेस में विभाजन के बाद पार्टी के दफ्तर की स्थिति भी बदली। उस समय इंदिरा गांधी गुट का नियंत्रण 7 जंतर-मंतर स्थित पुराने दफ्तर से खत्म हो गया था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने विंडसर प्लेस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम.वी. कृष्णप्पा के आवास से अस्थायी कार्यालय संचालित किया। बाद में 1971 में पार्टी का दफ्तर 5 राजेंद्र प्रसाद रोड पहुंचा और फिर 1978 में इसे 24 अकबर रोड शिफ्ट कर दिया गया। तभी से यह पता कांग्रेस की राष्ट्रीय राजनीति का स्थायी केंद्र बन गया।
कांग्रेस ने अपने नए मुख्यालय के रूप में ‘इंदिरा भवन’ की शुरुआत भी कर दी है। जनवरी 2025 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नई दिल्ली में इस नए मुख्यालय का उद्घाटन किया था। इस मौके पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि नया मुख्यालय लोकतंत्र, राष्ट्रवाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय जैसे मूल्यों की बुनियाद पर खड़ा किया गया है। वहीं राहुल गांधी ने इसे कांग्रेस की वैचारिक परंपरा और महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू समेत पार्टी के दिग्गज नेताओं के आदर्शों का प्रतीक बताया था। Congress party
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