विज्ञापन
भारतीय संवैधानिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के गहन अध्येता माने जाने वाले पद्म भूषण डॉ. सुभाष सी. कश्यप का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से देश के विधि, शिक्षा और संसदीय जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

Dr. Subhash Kashyap : भारतीय संवैधानिक व्यवस्था, संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं के गहन अध्येता माने जाने वाले पद्म भूषण डॉ. सुभाष सी. कश्यप का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से देश के विधि, शिक्षा और संसदीय जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। चिकित्सकीय जानकारी के अनुसार उनका निधन कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट के कारण हुआ। Dr. Subhash Kashyap
डॉ. सुभाष कश्यप को देश के अग्रणी संविधान विशेषज्ञों में गिना जाता था। भारतीय संविधान, संसद की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर उनकी गहरी पकड़ के कारण उन्हें अक्सर “संविधान का चलता-फिरता विश्वकोश” कहा जाता था। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में संसदीय परंपराओं को मजबूत बनाने और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी लिखी अनेक पुस्तकें आज भी विधि के छात्रों, शोधार्थियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री मानी जाती हैं। Dr. Subhash Kashyap
विज्ञापन