राष्ट्रीय ब्यूरो।देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका के बीच ब़ड़ी राहत की खबर आ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से दावा किया गया है कि मौजूदा डेल्टा वेरिएंट को छोड़ दिया जाय तो देश में कोविड का कोई घातक वेरिएंट पिछले चार-पांच माह से नहीं पाया गया है।
मंत्रालय के मुताबिक कोरोना वेरिएंट के कुछ उपवंश आ रहे हैं,लेकिन इसमें से कोई भी ज्यादा संक्रमण वाला या घातक नहीं पाया गया है। भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम के सह अध्यक्ष डॉ.एनके अरोड़ा के बताया कि पिछले चार-पांच माह से कोविड-19 का कोई नया रूप या चिंता वाला वेरिएंट सामने नहीं आया है। हालांकि नए उपवंश सामने आ रहे हैँ,लेकिन उनमें से कोई भी ज्यादा संक्रमण वाला नहीं है। बावजूद देश के विशेषज्ञ इन सभी पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं। वहीं डेल्टा वेरिएंट अभी भी चिंता की वजह है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक,कोरोना का डेल्टा वेरिएंट देश के सभी 36 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के 459 जिलों में फैला है। जो कमोवेश चिंता का विषय है। बावजूद केरल के 17 जिलों सहित देश के कुल 30 जिलों को छोड़ दिया जाय, जहां संक्रमण की दर 5 फीसदी ज्यादा है,तो हालात पूरी तरह काबू में हैं।