Corruption : 50 किलो नींबू व कई टन आटा खा गया सुपरिटेंडेंट
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 01:10 AM
Corruption at Peak : जी हां चौंकिए मत। पंजाब की कपूरथला जेल में तैनात जेल सुपरिटेंडेंट गुरनाम लाल ने 200 रूपए किलो के 50 किलो नींबू का गबन कर डाला। कागजी नींबू आए थे कैदियों के खाने के लिए लेकिन उन्हें नींबू कभी मिले ही नहीं। इतना ही नहीं जेल में प्रयोग होने वाले आटे का भी लगातार गबन हो रहा था। जांच के बाद भ्रष्ट सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर दिया गया है।
50 किलो नींबू की खरीद में हेराफेरी करने के आरोप में जेल मंत्री हरजोत बैंस ने कपूरथला मार्डन जेल के अधीक्षक गुरनाम लाल को निलंबित कर दिया है। जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक जेल अधिकारी ने कैदियों के लिए मंगवाए गए राशन में 50 किलोग्राम नींबू की खरीद दिखाई थी। ये नींबू 15 से 30 अप्रैल के बीच खरीदे गए। उस समय नींबू की कीमत 200 रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर थी। इस पर जब कैदियों से पूछा गया कि क्या उन्हें नींबू मिले थे तो उन्होंने मना कर दिया।
इस पूरे गबन का खुलासा उस समय हुआ, जबकि कैदियों की ओर से मिल रही शिकायत के चलते एक मई को डीआईजी माडर्न जेल में जांच के लिए पहुंचे। डीआईजी के साथ लेखा अधिकारी ने जांच में पाया कि सुपरिंटेंडेंट गुरनाम लाल ने 15 से 30 अप्रैल के बीच 50 किलो नींबू खरीदे थे, उस समय नींबू की कीमत 200 रुपये प्रति किलो से अधिक थी। दूसरी ओर से कैदियों ने दावा किया है कि रसोई में नींबू का कभी इस्तेमाल नहीं हुआ। कपूरथला जेल अधीक्षक के निलंबन की पुष्टि करते हुए एडीजीपी-जेल वरिंदर कुमार ने बताया कि जेल अधीक्षक का चार्ज शिवराज सिंह को दिया गया है। जल्द ही नए अधिकारी की नियुक्ति की दी जाएगी। रोटियों का वजन भी कम मिला कैदियों की कई शिकायतों के बाद जांच पैनल ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि कैदियों को दिए जाने वाले भोजन को गुणवत्ता खराब थी और जेल नियमावली में तय मात्रा पर्याप्त नहीं थी। जेल में बन रही हर चपाती का वजन 50 ग्राम से कम था, जिससे संकेत मिलता था कि कई क्विंटल आटे का भी गबन हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल अधिकारी की तरफ से सब्जियों की खरीद में भी गड़बड़ी की गई है। जेल अधीक्षक ने पांच दिन सब्जियों की खरीद दिखाई, लेकिन कैदी इससे कम दिनों के लिए सब्जियां खरीदने का दावा कर रहे हैं।