Covid News:डब्ल्यूएचओ कोरोना उत्पत्ति की दोबारा जांच शुरू करेगा
डब्ल्यूएचओ कोरोना उत्पत्ति की दोबारा जांच शुरू करेगा
भारत
RP Raghuvanshi
27 Sep 2021 03:43 PM
भारत
RP Raghuvanshi
27 Sep 2021 03:43 PM
नई दिल्ली (एजेंसी) विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) एक नई टीम के साथ कोरोना की उत्पत्ति की दोबारा जांच शुरू करने जा रहा है। इसके लिए 20 विज्ञानियों की नई टीम बनाई गई है, जो चीन और अन्य जगहों की जांच करेगा। इस नए जांच दल के जरिए डब्ल्यूएचओ कोविड-19 की उत्पत्ति की जांच फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। इस टीम में प्रयोगशाला सुरक्षा, जैव सुरक्षा के विशेषज्ञ, आनुवंशिकीविद् और पशु-रोग विशेषज्ञ शामिल हैं, जो इसके विशेषज्ञ हैं कि वायरस प्रकृति से कैसे फैलते हैं। आपको बता दें कि कोविड-19 ने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में जकड़ लिया था और इसकी चपेट में आकर लाखों लोग अकाल ही काल के गाल में समा चुके हैं।
जहां एक ओर विश्व बिरादरी इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहरा रही है वहीं विस्तारवादी और कुटिल चीन हमेशा ही अपने ऊपर लगे इन आरोपों को नकारता रहा है। वाल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ये दल चीन और अन्य जगहों पर नए सबूतों की तलाश करेंगे। इससे पहले डब्ल्यूएचओ-चीन की एक संयुक्त जांच टीम ने इस साल मार्च में इन संभावना को खारिज कर दिया था कि वायरस किसी प्रयोगशाला से बाहर आया था। जुलाई में महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने इस रिपोर्ट को कमतर आंकते हुए वुहान में अध्ययन के दूसरे चरण का प्रस्ताव रखा था, जिसमें वुहान शहर में प्रयोगशालाओं और बाजारों का आडिट भी शामिल है। घेब्रेयसस के अनुसार, महामारी के स्रोत की जांच करने के लिए चीन जाने वाली अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए पुख्ता सबूत तक पहुंचना एक चुनौती थी। वैश्विक स्वास्थ्य निकाय के वैज्ञानिकों के अनुसार, यह निर्धारित करने के लिए धीरे-धीरे समय समाप्त हो रहा है कि महामारी कैसे शुरू हुई। उन्होंने कहा कि रक्त के नमूने फेंके जा रहे हैं और कोविड -19 के शुरुआती पीड़ितों में एंटीबाडी का स्तर खत्म होता जा रहा है। हालांकि, चीन ने डब्ल्यूएचओ पर अहंकार और सामान्य ज्ञान की कमी का आरोप लगाते हुए जांच को खारिज कर दिया है। चीनी वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूएचओ को मैरीलैंड के फोर्ट डेट्रिक में यूएस आर्मी मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट आफ इंफेक्शियस डिजीज (USAMRIID) सहित अन्य देशों में कोविड -19 की उत्पत्ति की जांच का विस्तार करने के लिए भी कहा है।
इस सप्ताह के अंत तक चुनी जाने वाली नई टीम को चीन से कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। डब्लूएसजे की रिपोर्ट में कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ की मूल टीम को भंग कर दिया गया है। चीनी सरकार ने यह स्पष्ट करने से इनकार कर दिया है कि क्या वह देश में एक नई टीम को अनुमति देगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि चीन ने पिछली जांच में पूरा सहयोग किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश डब्ल्यूएचओ की नई टीम के चयन की बारीकी से निगरानी करेगा।