Crime News : ऑनलाइन क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 04:17 AM
Noida : नोएडा। फर्जी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही है। क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर हजारों करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया है। जालसाज जिन खाताधारकों के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर करवाते हैं, उन्हें 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता है। साइबर क्राइम पुलिस ने ऐसे ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने कमीशन लेकर 33 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए और बाद में उन्हें यूएसडीटी में कन्वर्ट कर क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी रीता यादव के मुताबिक फेज-3 रुड़की रोड मेरठ निवासी योगेंद्र कुमार चौधरी ने दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2021 के जुलाई माह में उनकी पहचान टेलीग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से एनी नामक महिला से हुई। एनी ने अपनी वेबसाइट के बारे में बताते हुए उन्हें क्रिप्टो ट्रेडिंग कर भारी मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में थोड़ा पैसा लगाने पर उन्हें अच्छा मुनाफा दिया गया। योगेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि एनी के झांसे में आकर उन्होंने 1 करोड़ 84 लाख 70 हजार रुपये क्रिप्टो ट्रेडिंग में लगा दिए। उसके बाद एनी से उनका संपर्क नहीं हुआ।
थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि साइबर क्राइम के पुलिस महानिदेशक सुभाष चंद्र के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना नोएडा से एक पुलिस टीम गठित की गई। साइबर क्राइम की टीम ने सिविल इंजीनियर भूलेश्वर नाथ मिश्रा पुत्र स्वर्गीय तीर्थनाथ मिश्रा निवासी कांदिवली वेस्ट मुंबई को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गये भुवनेश्वर ने योगेंद्र कुमार के साथ हुई ऑनलाइन धोखाधड़ी से 33 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया था। इसके बाद भुवनेश्वर ने कमीशन लेकर क्रिप्टो एक्सचेंज पी-2-पी के माध्यम से यूएसडीटी में कन्वर्ट कर क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर किए थे।
थाना प्रभारी ने बताया कि विवेचना के दौरान पीड़ित के खातों से ठगी की धनराशि का रुपया 19 बैंक खातों व एक पेमेंट एग्रीगेटर में जाना पाया गया। तकनीकी साधनों से डाटा के विश्लेषण करने के पश्चात पता चला कि सिंगापुर के एक नागरिक ने खुद को क्रिप्टो ट्रेडिंग एडवाइजर बताकर योगेंद्र कुमार चौधरी को क्रिप्टो में इन्वेस्टमेंट कर अधिक लाभ कमाने का झांसा देकर उससे विभिन्न भारतीय खातों में रुपये ट्रांसफर करवाए। जांच के दौरान पता चला कि जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनके खाताधारकों को 10 से 15 पर्सेंट कमीशन देकर उक्त पैसे को आरोपियों ने क्रिप्टो ट्रेडिंग एप के वायलेट पर जमा करा लिया। इसके उपरांत उक्त पैसे को उनके द्वारा यूएसडीटी में ट्रांसफर कर वॉलेट एड्रेस पर ट्रांसफर करा लिया था।
थाना प्रभारी रीता यादव ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि बिनांस के 56 वॉलेट में लगभग 25 करोड़ रुपये की धनराशि ट्रांसफर करा लिया गया। इसमें छह वॉलेट भारत के और शेष वॉलेट चाइना, फिलीपींस, मलेशिया व अन्य देशों से संबंधित हैं। विवेचना के दौरान पता चला कि क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी में प्रयुक्त कंपनियों के खाते और क्रिप्टो वॉलेट आपस में लिंक हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि ऑनलाइन ट्रेडिंग और विभिन्न टेलीग्राम ग्रुप से हो रही धोखाधड़ी में शामिल विदेशी नागरिकों और फर्जी कंपनी बनाने में शामिल सीए आदि के खिलाफ भी जांच चल रही है।