Cyclonic storm in Bihar: बिहार में 25 जिलों में हाई अलर्ट
भारत
RP Raghuvanshi
30 Oct 2025 04:10 PM
बिहार में चक्रवाती तूफान 'मोंथा' ने मौसम को एकदम बदल दिया है। इस तूफान के कारण राज्यभर में बारिश का दौर शुरू हो गया है, और मौसम विभाग ने आगामी दिनों में और अधिक बारिश की चेतावनी दी है। बिहार में 1 नवंबर तक भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। Bihar News
प्रेस विज्ञप्ति: चक्रवाती तूफान “मोंथा” के प्रभाव से बिहार में संभावित वर्षा गतिविधियाँ (30–31 अक्टूबर 2025) pic.twitter.com/gFC2yuHIiu
मौसम विभाग ने बिहार के 25 जिलों में बारिश के चलते अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा और सुपौल शामिल हैं। वहीं, येलो अलर्ट उन जिलों के लिए है जहां हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जैसे वैशाली, मुजफ्फरपुर, सहरसा, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और शिवहर।
बुधवार की बारिश
बुधवार को पटना समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। अररिया और मधुबनी में देर रात जोरदार वर्षा हुई, जबकि गोपालगंज, आरा, नालंदा, सुपौल, भागलपुर, छपरा और लखीसराय में बूंदाबांदी देखी गई। इससे सड़कें गीली हो गईं और यातायात प्रभावित रहा।
तूफान की वर्तमान स्थिति
चक्रवात 'मोंथा' ने मंगलवार सुबह बंगाल की खाड़ी में प्रचंड तूफान का रूप लिया और आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराया। इसके बाद यह ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड से होते हुए बिहार पहुंचा। बिहार में प्रवेश करते-करते इसकी तीव्रता कम हो गई और यह एक निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया।
मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि गुरुवार से अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। साथ ही तेज हवाओं के कारण मौसम शुष्क रहेगा और ठंड बढ़ेगी। इस दौरान बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना भी है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे अगले 48 घंटे तक सतर्क रहें। बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है, और वाहन चालकों से सावधानी बरतने को कहा गया है।
बिहार में मोंथा तूफान का असर राज्यभर में महसूस हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमों को तैयार किया है और स्कूलों में छुट्टी की संभावना जताई जा रही है। मौसम के इस परिवर्तन के साथ सर्दी की शुरुआत भी हो सकती है। बिहारवासियों को तूफान से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है और मौसम विभाग की सलाहों का पालन करना बेहद जरूरी है।
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ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
\r\nमौसम विभाग ने बिहार के 25 जिलों में बारिश के चलते अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, उनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मधुबनी, सीतामढ़ी, दरभंगा और सुपौल शामिल हैं। वहीं, येलो अलर्ट उन जिलों के लिए है जहां हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जैसे वैशाली, मुजफ्फरपुर, सहरसा, बक्सर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और शिवहर।\r\n
\r\nबुधवार की बारिश\r\n\r\nबुधवार को पटना समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। अररिया और मधुबनी में देर रात जोरदार वर्षा हुई, जबकि गोपालगंज, आरा, नालंदा, सुपौल, भागलपुर, छपरा और लखीसराय में बूंदाबांदी देखी गई। इससे सड़कें गीली हो गईं और यातायात प्रभावित रहा।\r\n
तूफान की वर्तमान स्थिति
\r\nचक्रवात 'मोंथा' ने मंगलवार सुबह बंगाल की खाड़ी में प्रचंड तूफान का रूप लिया और आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम तट से टकराया। इसके बाद यह ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड से होते हुए बिहार पहुंचा। बिहार में प्रवेश करते-करते इसकी तीव्रता कम हो गई और यह एक निम्न दबाव क्षेत्र में बदल गया।\r\n
\r\nमौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि गुरुवार से अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। साथ ही तेज हवाओं के कारण मौसम शुष्क रहेगा और ठंड बढ़ेगी। इस दौरान बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना भी है।\r\n
लोगों के लिए सलाह
\r\nमौसम विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे अगले 48 घंटे तक सतर्क रहें। बारिश के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है, और वाहन चालकों से सावधानी बरतने को कहा गया है।\r\n
\r\nबिहार में मोंथा तूफान का असर राज्यभर में महसूस हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमों को तैयार किया है और स्कूलों में छुट्टी की संभावना जताई जा रही है। मौसम के इस परिवर्तन के साथ सर्दी की शुरुआत भी हो सकती है। बिहारवासियों को तूफान से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की आवश्यकता है और मौसम विभाग की सलाहों का पालन करना बेहद जरूरी है।","image":{"@type":"ImageObject","@id":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/uploads/2025/10/The-havoc-of-Mentha-storm-Bihar-.jpg","url":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/uploads/2025/10/The-havoc-of-Mentha-storm-Bihar-.jpg","width":1280,"height":720},"author":{"@type":"Person","name":"RP Raghuvanshi","url":"https://chetnamanch.com/team"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Chetna Manch","url":"https://chetnamanch.com/","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/logo/2026/chetna_manch.webp?updatedAt=1771315577826","width":600,"height":60}},"datePublished":"2025-10-30T16:10:11+05:30","dateModified":"2025-10-30T16:10:11+05:30","inLanguage":"hi","keywords":[],"articleSection":"नेशनल"}