विज्ञापन
DA Hike: लेबर ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के ताजा आंकड़ों के बाद यह उम्मीद और बढ़ गई है। यदि सरकार इस बढ़ोतरी को मंजूरी देती है तो कर्मचारियों की मासिक सैलरी में सीधा फायदा देखने को मिलेगा।

केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जुलाई से महंगाई भत्ता (Dearness Allowance-DA) 3 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना मजबूत हो गई है। लेबर ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के ताजा आंकड़ों के बाद यह उम्मीद और बढ़ गई है। यदि सरकार इस बढ़ोतरी को मंजूरी देती है तो कर्मचारियों की मासिक सैलरी में सीधा फायदा देखने को मिलेगा।
महंगाई भत्ते की गणना औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW के आधार पर की जाती है। मई 2026 के लिए जारी आंकड़ों में यह सूचकांक बढ़कर 150.8 पर पहुंच गया है जबकि अप्रैल में यह 149.9 था। सूचकांक में आई इस बढ़ोतरी को देखते हुए माना जा रहा है कि जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। इससे पहले सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी जिसके बाद डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। अब अगर 3 प्रतिशत और बढ़ोतरी होती है तो डीए 63 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा लाभ कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ता है। जिन कर्मचारियों का मूल वेतन अधिक है उनकी सैलरी में भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिलती है। डीए मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है इसलिए जैसे-जैसे इसका प्रतिशत बढ़ता है कर्मचारियों के हाथ में आने वाली कुल राशि भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि हर छह महीने में होने वाले डीए संशोधन का इंतजार लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी करते हैं।
महंगाई भत्ते के साथ-साथ कर्मचारियों की नजर अब 8वें वेतन आयोग पर भी टिकी हुई है। जानकारों का मानना है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें अगले वर्ष के अंत तक लागू हो सकती हैं। हालांकि अंतिम फैसला केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। यदि नया वेतन आयोग लागू होता है तो संशोधित वेतनमान जनवरी 2026 से प्रभावी किया जा सकता है। ऐसे में कर्मचारियों को कई महीनों का एरियर भी मिल सकता है जिससे उन्हें एकमुश्त बड़ी राशि मिलने की संभावना रहेगी।
यदि जुलाई 2026 से सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता है और उसके बाद 8वां वेतन आयोग लागू होता है तो दोनों व्यवस्थाओं के बीच बनने वाले वेतन अंतर का भुगतान कर्मचारियों को एरियर के रूप में किया जा सकता है। इसका मतलब यह है कि पहले से मिले डीए और नए वेतनमान के आधार पर बनने वाली राशि के बीच जितना अंतर होगा सरकार उसे कर्मचारियों के खाते में एरियर के रूप में जमा कर सकती है।
केंद्र सरकार हर साल दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। पहला संशोधन 1 जनवरी और दूसरा 1 जुलाई से प्रभावी माना जाता है। हालांकि कई बार इसकी आधिकारिक घोषणा कुछ महीने बाद की जाती है लेकिन बढ़ी हुई राशि कर्मचारियों को तय तारीख से ही मिलती है। इस बार भी उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के डीए संशोधन का औपचारिक ऐलान अक्टूबर में दिवाली के आसपास किया जा सकता है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही माना जाएगा।
विज्ञापन