Day Special : अमेरिका ने आज ही के दिन पेटेंट किया था गोमूत्र का!
भारत
चेतना मंच
08 Dec 2021 05:37 PM
विनय संकोची
ऋषि-मुनियों ने गाय के साथ ही गोमूत्र की भी शास्त्रों में बड़ी महिमा वर्णित की है, यहां तक कि गोमूत्र को महाऔषधि तक कहा है। शास्त्रों का कथन असत्य कैसे हो सकता है, आखिर गोमूत्र में बड़ी मात्रा में पोषक तत्व हैं। भारत की पारंपरिक जैव संपदा नीम, हल्दी और जामुन के बाद 2002 में 8 दिसंबर को संयुक्त राज्य अमेरिका ने गोमूत्र का पेटेंट यूं ही तो नहीं किया होगा।
आयुर्वेद के शास्त्रीय ग्रंथों तथा चरक संहिता, सुश्रुत संहिता और वाग्भट संहिता में गोमूत्र को जीवन का जल अथवा अमृता अर्थात् अमरत्व का पेय के रूप में वर्णित किया गया है। गोमूत्र का आध्यात्मिक प्रभाव भी होता है, ऐसी पौराणिक मान्यता है।
गोमूत्र में नाइट्रोजन, सोडियम, मैग्नीज, लोहा, सल्फर,फास्फेट, सिलिकॉन, मैग्नीशियम, क्लोरीन, मैनिक, साइट्रिक, टार्टरिक और कैल्शियम, विटामिन ए, बी, सी, डी, इ, लेक्टोज, खनिज, एंजाइम, क्रिएटिनिन, हार्मोन और गोल्ड एसिड मानव शरीर के समान ही होते हैं। 'चरक संहिता' के अनुसार गोमूत्र वात, पित्त और कफ घटाने के साथ विभिन्न त्वचा रोगों में उपयोगी, कुष्ठ रोग, खुजली और जलोदर में लाभप्रद तथा कृमि नाशक होता है। 'सुश्रुत संहिता' के मुताबिक गोमूत्र वात और कफ को घटाने के अतिरिक्त बुद्धि और पाचन शक्ति को बढ़ावा देता है, पेट दर्द पाचन संबंधी विकार तथा कब्ज शुद्धि में बहुत उपयोगी होता है।
गोमूत्र स्वाद में गर्म कसैला और कड़क लगता है, जो कि विष नाशक, जीवाणु नाशक, शक्ति से भरा और शीघ्र पचने वाला होता है। कहा जाता है कि गौ मूत्र से लगभग 108 रोग ठीक होते हैं। यह भी दावा किया जाता रहा है कि गर्भवती गाय का मूत्र सबसे अच्छा होता है। क्योंकि उसमें विशेष हार्मोन और खनिज पाया जाता है। आयुर्वेद के जानकारों का यह भी कहना है कि गोमूत्र के प्रयोग से साधारण ही नहीं बड़े-बड़े रोग जैसे - दिल की बीमारी, शुगर, कैंसर, मिर्गी, एड्स और माइग्रेन आदि को भी ठीक किया जा सकता है। अनुसंधान में पाया गया है कि गोमूत्र में 5606 तत्व पाए जाते हैं।
सात लीटर गाय के मूत्र का वाष्पीकरण करने पर लगभग एक लीटर के आसपास अर्क निकलता है। भट्टी पर बड़े से मटके में गोमूत्र भर कर रख दिया जाता है। अग्नि के ताप से गोमूत्र को वाष्प के माध्यम से बाहर निकालने के लिए मटके में छोटा सा सुराख कर एक पाइप लगाकर, उसके दूसरे सिरे को एक बर्तन में डाल दिया जाता है। बर्तन में गोमूत्र अर्क बूंद बूंद कर गिरता रहता है। बाजार में मिलने वाला गोमूत्र इसी तरह तैयार किया जाता है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार गोमूत्र विभिन्न जड़ी बूटियों से परिपूर्ण है। यह 'औषधि' गुर्दे, आर्थराइटिस, संक्रामक रोग, श्वसन और हृदय संबंधी रोग जैसी जटिल व्याधियों से भी मुक्ति दिलाती है। कहा तो यह भी जाता है गोमूत्र कैंसर के उपचार के लिए एक बहुत अच्छी औषधि है।
हम सुनते आए हैं कि गौ माता के मूत्र में गंगा और गोबर में लक्ष्मी का वास होता है और गाय के शरीर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। इसके अलावा 1000 साल पुरानी वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली के अनुसार गोमूत्र जो कि अनेक मिनिरल्स का एक प्राकृतिक स्रोत है, इसे रोजाना पीने से शरीर के विभिन्न पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद मिलती है। बहुत लोग हैं जो नित्य प्रति संशोधित गोमूत्र का नियमित सेवन करते हैं और स्वस्थ रहते हैं। ऐसे ही लोगों में जाने-माने अभिनेता अक्षय कुमार भी हैं, जो गोमूत्र का नियमित सेवन करते हैं और यह बात सुनी सुनाई हुई नहीं है, इंस्टाग्राम पर खुद अक्षय कुमार ने अपना यह राज खोला है।