एआई से बदलेगा हाईवे मैनेजमेंट : गड्ढों की पहचान से लेकर मरम्मत तक अब स्मार्ट सिस्टम से होगा

सड़क सुरक्षा और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाइवे अथारिटी आॅफ इंडिया एक बड़ा तकनीकी कदम उठाने की तैयारी में है। अब करीब 40,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों पर अक आधारित डैशकैम सिस्टम लागू किया जा सकता है, जिससे सड़कों की निगरानी पहले से कहीं ज्यादा तेज और सटीक हो जाएगी।

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एआई आधारित डैशकैम सिस्टम
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Mar 2026 07:01 PM
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AI Smart System : देश में सड़क सुरक्षा और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाइवे अथारिटी आॅफ इंडिया एक बड़ा तकनीकी कदम उठाने की तैयारी में है। अब करीब 40,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों पर एआई आधारित डैशकैम सिस्टम लागू किया जा सकता है, जिससे सड़कों की निगरानी पहले से कहीं ज्यादा तेज और सटीक हो जाएगी।

कैसे काम करेगा नया एआई डैशकैम सिस्टम

यह नई तकनीक, जिसे डैशकैम एनालिटिक्स सर्विस कहा जा रहा है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर आधारित होगी। इसके तहत हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों में हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे, जो लगातार सड़क की वीडियो और तस्वीरें रिकॉर्ड करेंगे। इसके बाद यह डेटा एआई सिस्टम में प्रोसेस होगा, जो खुद ही गड्ढे, दरारें और सड़क की अन्य खराबियों की पहचान कर लेगा। यह स्मार्ट सिस्टम केवल गड्ढों तक सीमित नहीं रहेगा। यह 30 से अधिक प्रकार की खामियों को पहचान सकता है, जैसे सड़क का घिसना, क्रैक, लेन मार्किंग की खराबी और अन्य संरचनात्मक समस्याएं। इससे मैन्युअल निरीक्षण की जरूरत कम होगी और समय पर मरम्मत संभव हो पाएगपूरे हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगी नजर

यह तकनीक सिर्फ सड़क की सतह नहीं, बल्कि पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर की निगरानी करेगी। इसमें क्रैश बैरियर, साइन बोर्ड, स्ट्रीट लाइट, अवैध कट, अनधिकृत होर्डिंग, गलत पार्किंग और सड़क किनारे रुकावट जैसी समस्याएं भी शामिल हैं। साथ ही जलभराव, नालियों का जाम होना और सड़क किनारे बढ़ती वनस्पति पर भी नजर रखी जाएगी। एआई समय-समय पर रात में भी सर्वे करेगा, जिससे सड़क पर लगी लाइट, रिफ्लेक्टर और लेन मार्किंग की विजिबिलिटी की जांच हो सके। इससे दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलरियल टाइम डेटा से तेज होगी कार्रवाई

कैमरों से मिलने वाला डेटा एक सेंट्रल डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भेजा जाएगा, जहां अक आधारित डैशबोर्ड के जरिए अधिकारी रियल टाइम में स्थिति देख सकेंगे। पुराने डेटा से तुलना कर मरम्मत कार्य की प्रगति को ट्रैक किया जाएगा और पूरे हाईवे नेटवर्क को 5 जोन में बांटकर निगरानी और कार्रवाई को और तेज किया जाएगा। यह पहल भारत में सड़क प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सफर का अनुभव मिलेगा। 

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पिछले जन्म की अप्सरा बताकर ‘‘बाबा’’ ने कर डाला रेप

समाज में सक्रिय ढोंगी बाबा एक से बढक़र एक घटिया काम करते हैं। इसी प्रकार का घटिया काम करने वाला एक ढोंगी बाबा चर्चा का विषय बना हुआ है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि ढोंगी बाबा ने एक दो नहीं बल्कि दर्जनों महिलाओं के साथ रेप किया है।

ढोंगी बाबा
ढोंगी बाबा
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar23 Mar 2026 04:48 PM
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Maharashtra News : समाज में सक्रिय ढोंगी बाबा एक से बढक़र एक घटिया काम करते हैं। इसी प्रकार का घटिया काम करने वाला एक ढोंगी बाबा चर्चा का विषय बना हुआ है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि ढोंगी बाबा ने एक दो नहीं बल्कि दर्जनों महिलाओं के साथ रेप किया है। ढोंगी बाबा के मामले में दर्ज कराई गई ताजा रिपोर्ट में आरोप है कि युवती को पिछले जन्म की अप्सरा बताकर ढोंगी बाबा ने युवती के साथ रेप कर डाला

महाराष्ट्र के प्रसिद्ध शहर नासिक में सक्रिय ढोंगी बाबा

जिस ढोंगी बाबा की हम यहां बात कर रहे हैं वह ढोंगी बाबा महाराष्ट्र के नासिक शहर में सक्रिय रहा है। हाल ही में महाराष्ट्र पुलिस ने इस ढोंगी बाबा को रेप सहित अनेक आरोपों में गिरफ्तार किया है। इस ढोंगी बाबा का नाम अशोक खरात है। अशोक खरात नाम का यह ढोंगी बाबा अपने आपको ‘‘गॉड मैन” बोलकर प्रचारित करता था। यह ढोंगी बाबा अपने नाम के आगे कैप्टन भी लगाता है। उसका पूरा नाम कैप्टन अशोक कुमार खरात के नाम से जगजाहिर है।

युवती को बताया पूर्व जन्म की अप्सरा

ढोंगी बाबा कैप्टन अशोक कुमार खरात के विरूद्ध एक ताजा FIR दर्ज हुई है। इस FIR में आरोप है कि बाबा ने युवती को पूर्व जन्म की अप्सरा बताकर अपने झांसे में लेकर उसका रेप कर दिया। FIR में युवती ने बताया है कि साल 2013 में उसके माता-पिता उसकी शादी के लिए रिश्ता ढूंढ रहे थे, लेकिन कहीं रिश्ता तय नहीं हो पा रहा था। आखिरकार नासिक के एक युवक से उसका रिश्ता तय हुआ, लेकिन वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा या नहीं, इसे लेकर परिवार को संदेह था। इसी कारण लोगों के कहने पर वे कैप्टन अशोक कुमार खरात के नासिक के कनाडा कॉर्नर स्थित दफ्तर पहुंचे। पहली मुलाकात में खरात ने लडक़े की फोटो देखकर आंखें बंद कर कुछ मंत्र पढ़े और कहा कि विवाह में कोई बाधा नहीं है तथा उनका वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा। साथ ही विवाह के बाद मिरगांव स्थित ईशान्येश्वर मंदिर में धार्मिक विधि करने की सलाह दी और यह भी कहा कि ससुराल पक्ष को साथ न लाया जाए। दिसंबर 2013 में महिला का विवाह हुआ और बाद में उसे दो बच्चे हुए। हालांकि, समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढऩे लगे, जिसके बाद उसके माता-पिता बार-बार खरात से सलाह लेने जाते रहे। खरात उन्हें 'मंत्रित पानी', दवाइयां और अन्य तथाकथित उपाय देता था। फरवरी 2020 के आसपास पारिवारिक समस्याएं बढऩे पर महिला अपनी मां के साथ फिर से खरात से मिलने गई। इस बार उसने उसकी मां को बाहर बैठाया और महिला को केबिन में ले जाकर खुद को 'अवतारी पुरुष' बताते हुए कहा कि उसे त्रिकाल ज्ञान है, उसका तलाक निश्चित है और वह पिछले जन्म की अप्सरा है। उसने यह भी कहा कि उसके (खरात के) भाग्य में दो विवाह हैं और महिला को उससे विवाह कर लेना चाहिए। यह कहकर उसने महिला को गले लगाया। पूजा-पाठ के नाम पर बड़ा ढोंग

करीब एक साल बाद, अक्टूबर 2021 में महिला का तलाक हो गया और वह पढ़ाई के लिए दिल्ली चली गई। इसके बाद भी उसके माता-पिता खरात के संपर्क में रहे। साल 2022 में जब वह नासिक में थी, तब खरात ने उसे फोन कर भविष्य के बारे में बात करने के बहाने ऑफिस बुलाया। वहां उसने उसे जबरन पास खींचकर चूमने की कोशिश की और कहा कि वह उससे विवाह करना चाहता है, अन्यथा 'ईश्वर का कोप' होगा। उसने धार्मिक विधि के नाम पर उसे तांबे की बोतल से पानी पिलाया, बोतल सिर पर रखने को कहा और उसके शरीर को छूते हुए तथाकथित पूजा करने लगा। इसके बाद उसने उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

नशीला पानी, रेप तथा गर्भपात

महिला ने डर के कारण यह बात किसी को नहीं बताई, क्योंकि खरात ने उसे धमकाया था कि ऐसा करने पर उसके जीवन में संकट आएगा। इसके बाद 3-4 बार और विधि के नाम पर उसे बुलाया गया और हर बार प्रसाद या मंत्रित पानी देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। कुछ समय बाद महिला को पता चला कि वह गर्भवती है। उसने यह बात खरात को बताई, जिस पर उसने उसे कुछ गोलियां दीं, जिनसे बाद में महिला को ब्लीडिंग शुरू हुई और उसका गर्भपात हो गया। महिला ने कहा है कि उसने इस पूरे मामले में नासिक पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की हैं। Maharashtra News





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बाहुबली अनंत सिंह की रिहाई पर संशय कायम, जेल प्रशासन को नहीं मिला आदेश

बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की रिहाई को लेकर उनके समर्थकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी सोमवार को देर तक उनकी रिहाई नहीं हो सकी, क्योंकि अदालत का औपचारिक आदेश अभी तक बेउर जेल प्रशासन के पास नहीं पहुंचा था।

अनंत सिंह
अनंत सिंह
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar23 Mar 2026 04:40 PM
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Bihar News : बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह की रिहाई को लेकर उनके समर्थकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद भी सोमवार को देर तक उनकी रिहाई नहीं हो सकी, क्योंकि अदालत का औपचारिक आदेश अभी तक बेउर जेल प्रशासन के पास नहीं पहुंचा था। माना जा रहा है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही शाम तक उनकी जेल से रिहाई संभव है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को चार दिन पहले पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बावजूद कानूनी औपचारिकताओं में देरी के कारण वह अब तक जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं। बेउर जेल में बंद अनंत सिंह अदालत के रिलीज ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं। समर्थकों को उम्मीद थी कि वह सोमवार दोपहर बाद अपने पटना स्थित आवास पहुंच जाएंगे, लेकिन आदेश न पहुंचने से यह इंतजार और बढ़ गया।

समर्थकों ने शुरू कर दीं तैयारियां

अनंत सिंह की रिहाई की संभावना को देखते हुए उनके समर्थकों ने पहले से ही बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। उनके आवास पर स्वागत की तैयारी जोरों पर है। बड़ी संख्या में आने वाले समर्थकों के लिए मिठाई और भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए कई कारीगर लगातार काम में जुटे हुए हैं। रिहाई के बाद के कार्यक्रम को लेकर भी समर्थकों ने उत्साह दिखाया है। मंगलवार को पटना से बड़हिया तक रोड शो निकालने की घोषणा की गई है। सोशल मीडिया पर साझा जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह बड़हिया पहुंचकर प्रसिद्ध महारानी स्थान में पूजा-अर्चना भी करेंगे। इसे लेकर उनके समर्थकों के बीच खासा उत्साह बना हुआ है।

दुलारचंद यादव हत्याकांड में हुई थी गिरफ्तारी

अनंत सिंह को विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान से पहले दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया था। 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा टाल इलाके में अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इसी झड़प के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या हो गई थी। बताया जाता है कि दुलारचंद यादव मोकामा टाल क्षेत्र के पुराने प्रभावशाली लोगों में गिने जाते थे और उस समय पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे।

जेल में रहते हुए जीता चुनाव

अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए भी चुनावी मैदान में अपनी पकड़ साबित की। उन्होंने मोकामा सीट से जीत दर्ज कर एक बार फिर विधानसभा पहुंचने का रास्ता बनाया। इस चुनाव में उन्होंने पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को हराया। इससे पहले यह सीट उनकी पत्नी नीलम देवी के पास थी। नीलम देवी ने वर्ष 2020 में आरजेडी के टिकट पर मोकामा से चुनाव जीता था। बाद में बिहार की राजनीति में समीकरण बदले और 2024 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़कर एनडीए में लौटने के बाद बहुमत परीक्षण के दौरान नीलम देवी सत्ता पक्ष के साथ नजर आई थीं। इसके बाद मोकामा की राजनीति में अनंत सिंह की सक्रियता फिर तेज हो गई।

पहले भी कई मामलों में जा चुके हैं जेल

अनंत सिंह का नाम पहले भी कई विवादों और आपराधिक मामलों में सामने आता रहा है। पिछले साल भी वह एक गोलीबारी मामले में गिरफ्तार होकर कई महीनों तक जेल में रहे थे। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने साफ संकेत दे दिया था कि अगला चुनाव वह खुद लड़ेंगे। उस समय उन्होंने कहा था कि जनता की सेवा के लिए इस बार वह स्वयं मैदान में उतरना चाहते हैं।

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