ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 2018 के मानहानि मामले में फिर जमानती वारंट जारी किया। पहले वारंट में गलत पते का मामला सामने आया। अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी।

National News : यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने आठ साल पुराने आपराधिक मानहानि मामले में नए सिरे से जमानती वारंट जारी किए हैं। यह मामला विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। इससे पहले 17 अक्टूबर को भी अदालत ने ध्रुव राठी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए थे, लेकिन उनकी तामील नहीं हो सकी थी। अब अदालत ने नए वारंट जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर तय की है। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राहुल जैन की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान सामने आया कि पहले जारी किए गए वारंट ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित पते के बजाय ऑस्ट्रिया के गलत पते पर भेजे गए थे। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को गुरुग्राम के सेक्टर-56 का पता उपलब्ध कराया गया था।
ध्रुव राठी के खिलाफ 17 अक्टूबर को जारी जमानती वारंट की तामील नहीं हो सकी थी। नए घटनाक्रम में अदालत के सामने यह बात आई कि पहले के वारंट गलत विदेशी पते पर जारी किए गए थे। इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से सही पते पर प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की गई। शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी आमतौर पर जर्मनी में रहते हैं और उस समय भारत में मौजूद थे। वकील के मुताबिक, वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत आए थे। इसी आधार पर गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित पते पर समन और वारंट की तामील कराने की मांग की गई। National News
ध्रुव राठी के खिलाफ यह आपराधिक मानहानि मामला मई 2018 में उनके यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो 'BJP IT Cell Part II' से जुड़ा है। इस वीडियो में भाजपा आईटी सेल से संबंधित आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन का आरोप है कि वीडियो में उन्हें लेकर झूठे और मानहानिकारक दावे किए गए थे। उनका कहना है कि इन आरोपों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने ध्रुव राठी के खिलाफ अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। National News
यह वीडियो वर्ष 2018 में उस समय भी चर्चा में आया था, जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे सोशल मीडिया पर साझा किया था। शिकायतकर्ता विकास सांक्रित्यायन ने ध्रुव राठी के साथ अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी। हालांकि, केजरीवाल ने बाद में अदालत के सामने वीडियो साझा करने को गलती माना था और उनके खिलाफ मामला अलग प्रक्रिया में चला। वहीं, वीडियो बनाने और अपने चैनल पर प्रकाशित करने को लेकर ध्रुव राठी के खिलाफ मूल शिकायत साकेत कोर्ट में जारी रही। National News
इस मामले में अदालत ने शुरुआती तौर पर 23 जुलाई 2019 को ही समन जारी किए थे। हालांकि, ध्रुव राठी की पेशी सुनिश्चित करने और समन की तामील कराने में लगातार दिक्कतें आती रहीं। शिकायतकर्ता की ओर से मामले की सुनवाई में तेजी लाने के लिए भी अदालत में आवेदन दिया गया था। 12 अक्टूबर की पिछली सुनवाई में शिकायतकर्ता की ओर से जल्द कार्रवाई की मांग की गई थी। इसके बाद समन जारी करने और तामील की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। अब नए जमानती वारंट जारी होने के बाद अदालत ने 23 नवंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की है। National News
दिल्ली की साकेत कोर्ट के नए आदेश के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल जमानती वारंट की तामील का है। अदालत की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। इस दौरान वारंट की तामील और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। गौरतलब है कि जमानती वारंट अदालत की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कानूनी प्रक्रिया है। इसे दोष सिद्ध होने या सजा सुनाए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। विकास सांक्रित्यायन की ओर से लगाए गए मानहानि के आरोपों पर अभी अंतिम न्यायिक फैसला होना बाकी है। National News
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