
Delhi News: कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए पार्टी के अन्य नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर जा रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को आज दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में नहीं चढ़ने नहीं दिया गया और नीचे उतार दिया गया। खेड़ा को फ्लाइट से उतारे जाने के विरोध में पार्टी के अन्य नेता भी उनका समर्थन करते हुए फ्लाइट से उतर गए। कांग्रेस ने विरोध जताते हुए कहा कि पवन खेड़ा को हिरासत में लेने की कोशिश की गई, यह तानाशाही रवैया है। हालांकि पुलिस ने इससे इनकार किया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि असम पुलिस के कहने पर उन्हें उतारा गया।
पवन खेड़ा को आज इंडिगो फ्लाइट से उतार दिया गया। पवन खेड़ा पर एक एफआईआर दर्ज है इसलिए उन्हें चढ़ने नहीं दिया गया। विमानन कंपनी के इस फैसले का कांग्रेस के कई नेता विरोध कर रहे हैं। एयरपोर्ट पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने विरोध में नारे भी लगाए। एयरपोर्ट पर ही कांग्रेस के कई नेता धरने पर ही बैठ गए।
फ्लाइट से उतारे जाने को लेकर पवन खेड़ा ने कहा कि मुझे फ्लाइट से उतारे जाने की वजह नहीं बताई गई। नेताओं के प्रदर्शन को देखते हुए सीआईएसएफ की टीम भी एयरपोर्ट पहुंच गई है।
दिल्ली से रायपुर जा रहे पवन खेड़ा को फ्लाइट से उतारे जाने का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया। माना जा रहा है कि उनके फ्लाइट से उतारे जाने के पीछे बड़ी वजह एफआईआर दर्ज होना है। पार्टी की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि फ्लाइट को तब तक नहीं जाने देंगे जब तक कि पवन खेड़ा को हमारे साथ फ्लाइट में नहीं जाने देंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि पहले ED ने रायपुर में छापामारी की, अब पवन खेड़ा को दिल्ली पुलिस द्वारा रायपुर के जहाज से उतारा गया है। तानाशाही का दूसरा नाम अमितशाही है। मोदी सरकार हमारे राष्ट्रीय महाअधिवेशन को बाधित करना चाहती है। हम डरने वाले नहीं हैं, देशवासियों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
कांग्रेस नेता को फ्लाइट से उतारे जाने का विरोध कर रहे नेताओं से विमान कंपनी के अधिकारी ने उन्हें समझाते हुए कहा कि हम न उनके साथ कोई जबरदस्ती कर रहे हैं और न ही उन्हें हिरासत में ले रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि असम पुलिस के कहने पर उन्हें फ्लाइट से उतारा गया है। असम पुलिस ही मामले में ज्यादा जानकारी दे पाएगी।