मोदी सरकार की किसानों को बड़ी सौगात : 'पीएम धन-धान्य कृषि योजना' को कैबिनेट की मंजूरी
Delhi News
भारत
RP Raghuvanshi
22 Nov 2025 05:30 PM
Delhi News : केंद्र सरकार ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत आगामी छह वर्षों तक प्रति वर्ष 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे देश के 100 चयनित जिलों में समग्र कृषि सुधार किया जाएगा। योजना का उद्देश्य सिर्फ उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि फसल विविधीकरण, टिकाऊ कृषि, सिंचाई, भंडारण और ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।
100 पिछड़े कृषि जिलों में आएगा विकास का नया दौर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत हर राज्य से कम से कम एक पिछड़ा कृषि जिला चुना जाएगा। इन जिलों को कृषि समर्पित जिलों के रूप में विकसित किया जाएगा। यह पहल कृषि क्षेत्र में सामूहिक और समन्वित सुधारों को बल देगी।
पीएम धन-धान्य योजना की प्रमुख विशेषताएं
100 चयनित जिलों में लागू की जाएगी यह योजना। हर वर्ष 24,000 करोड़ रुपये का प्रावधान इस योजना में किया गया है। 6 वर्षों तक चलेगा यह कार्यक्रम। 11 मंत्रालयों की 36 योजनाएं एकीकृत रूप से लागू की जाएंगी। फसल कटाई के बाद भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन को मिलेगा बल। सिंचाई सुविधाओं में सुधार और विस्तार किया जाएगा। कृषि ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। टिकाऊ और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाएगा। यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि खाद्य सुरक्षा, जल प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का भी माध्यम बनेगी।
नवरत्न कंपनी को निवेश में छूट, 7,000 करोड़ का निवेश करेगा आरईसी
कैबिनेट ने एक अन्य अहम निर्णय लेते हुए आरईसी लिमिटेड को विशेष छूट प्रदान की है, जिसके तहत यह नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी आरईसी इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकेगा। यह निवेश देश में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बल देगा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बधाई
कैबिनेट बैठक में हाल ही में अंतरिक्ष मिशन पर गए भारतीय वायुसेना के अधिकारी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को भी विशेष रूप से बधाई दी गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि "यह मिशन सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्रोत है। इससे वैज्ञानिक सोच को बल मिलेगा और नवाचार को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।" उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को नई ऊर्जा देगी।