
Delhi News / नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को सराहनीय सेवा के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 35 कर्मियों को पदक से सम्मानित किया। इनमें वे दो जवान भी शामिल रहे, जिन्होंने वीरता का परिचय देते हुए पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास मवेशी तस्करी के प्रयास को विफल कर दिया था।
यहां विज्ञान भवन में वार्षिक ‘रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान’ के दौरान धनखड़ ने एक समारोह में बीएसएफ कर्मियों को सम्मानित किया।
यह व्याख्यान बीएसएफ के पहले प्रमुख के.एफ. रुस्तमजी की याद में आयोजित किया जाता है, जो 1965-74 के दौरान 2.65 लाख की क्षमता वाले बल के महानिदेशक थे।
वर्ष 1965 में गठित बीएसएफ पर पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटी सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।
हेड कांस्टेबल सुंदर सिंह को जनवरी 2021 में बांग्लादेशी पशु तस्करों की साजिश को वीरतापूर्वक विफल करने के लिए पुलिस पदक (पीएमजी) से सम्मानित किया गया। वहीं, अगस्त 2019 में इसी तरह की घटना में भारतीय तस्करों की गतिविधि को नाकाम करने के लिए कांस्टेबल आंनद ओरांव को भी पदक से सम्मानित किया गया।
पुरस्कार पाने वालों में उप महानिरीक्षक (डीआईजी) संदीप चानन और कंवलजीत सिंह तथा कमांडर संजय कुमार और दिवाकर कुमार भी शामिल थे।