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केन्द्र सरकार के एक फैसले को लेकर देश में बड़ी बहस छिड़ गई है। आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा की केन्द्र सरकार संसद में नया कानून बनाकर जनता की जेब काटने (आर्थिक बोझ बढ़ाना) का काम करने वाली है।

Delimitation Bill : केन्द्र सरकार के एक फैसले को लेकर देश में बड़ी बहस छिड़ गई है। आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा की केन्द्र सरकार संसद में नया कानून बनाकर जनता की जेब काटने (आर्थिक बोझ बढ़ाना) का काम करने वाली है। इस विषय में पूरे देश में सोशल मीडिया पर इन दिनों एक संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार “Constituency Delimitation Bill” लाकर सांसदों (MP) और विधायकों (MLA) की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने जा रही है। इस दावे के साथ यह भी कहा जा रहा है कि इससे जनता पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। Delimitation Bill
क्या है सीमांकन (Delimitation) और क्यों जरूरी होता है
सीमांकन का मतलब है—देश में जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा सीटों का पुनर्निर्धारण। यह प्रक्रिया समय-समय पर की जाती है ताकि हर क्षेत्र को उसकी आबादी के अनुसार प्रतिनिधित्व मिल सके। भारत में आखिरी बार व्यापक सीमांकन 1970 के दशक में हुआ था, जिसके बाद 2026 तक सीटों को स्थिर (freeze) कर दिया गया था। अब 2026 के बाद नए सिरे से सीमांकन की संभावना किया जाएगा। केन्द्र सरकार संसद में नया कानून पास कराकर देश में लोकसभा की सीट 543 से बढ़ाकर 850 करने वाली है। इस बढ़ोत्तरी से हर साल हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा। इस खर्च को जनता के ऊपर नए—नए टैक्स लगाकर वसूला जाएगा। Delimitation Bill
वायरल पोस्ट में जो आंकड़े दिए गए हैं, वे पूरी तरह आधिकारिक नहीं बल्कि अनुमान आधारित हैं। फिर भी यह तय है कि लोकसभा की सीट बढ़ने से आम जनता की जेब पर उसका असर जरूर पड़ेगा। आपको पता है कि जनता के टैक्स के पैसों से ही सांसदों और विधायकों को वेतन, भत्ते और सुविधाएं मिलती हैं। MPLAD (सांसद निधि) प्रति सांसद 5 करोड़ सालाना है। संसद और विधानसभा के विस्तार से खर्च बढ़ना स्वाभाविक है। Delimitation Bill
वायरल संदेश में यह भी आरोप लगाया गया है कि सभी राजनीतिक दल इस मुद्दे पर चुप हैं। इतना ही नहीं इस मुददे को लेकर मीडिया की चुप्पी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। वायरल संदेश में कहा जा रहा है कि भारत का मीडिया केन्द्र सरकार का मोहरा बनकर गोदी मीडिया बना हुआ है। इस कारण मीडिया इस विषय को नहीं उठा रहा है। कुल मिलाकर वायरल पोस्ट में केन्द्र सरकार के फैसले को जनता की जेब काटने वाला बताया जा रहा है। Delimitation Bill
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