1000 से अधिक लोग एयरलिफ्ट, 5 की मौत, लापता लोगों की तलाश तेज
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:36 AM
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RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 01:36 AM
Dharali Tragedy : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में 5 अगस्त को बादल फटने से मची तबाही का आज छठा दिन है। महज 34 सेकेंड में खीरगंगा नदी में आए भीषण सैलाब ने पूरे गांव को मलबे में तब्दील कर दिया। अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं।
1000 पर्यटक और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया जा चुका
जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने बताया कि राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सेना और अन्य एजेंसियां लगातार मोर्चे पर डटी हैं। अब तक करीब 1000 पर्यटक और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एयरलिफ्ट किया जा चुका है। बचाव अभियान में आठ हेलीकॉप्टर शामिल हैं, जिनमें चिनूक, एमआई, एएलएच और चीता भी हैं। मातली हेलीपैड से अब तक 260 से अधिक हेलीकॉप्टर फेरे लगाए जा चुके हैं।
करीब 100 स्थानीय निवासियों को भी सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि प्रभावित इलाकों में फंसे करीब 100 स्थानीय निवासियों को भी उत्तरकाशी और देहरादून भेजा जा रहा है। गंगनानी में वैली ब्रिज का निर्माण आज रविवार शाम तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे धराली की सड़क कनेक्टिविटी बहाल हो सकेगी। हालांकि, सोनगाड़ के पास सड़क बनाने में अभी तीन से चार दिन और लगेंगे। विद्युत आपूर्ति धराली, हर्षिल और आसपास के क्षेत्रों में बहाल कर दी गई है। वहीं, डॉग स्क्वाड की मदद से लापता लोगों की तलाश जारी है। राहत सामग्री का वितरण भी लगातार किया जा रहा है।
सब्जी व्यापारियों ने बचाव दल के लिए 10 कुंतल सब्जियां भेजी
दिल को छू लेने वाली बात यह है कि उत्तरकाशी के सब्जी व्यापारियों ने बचाव दल के लिए 10 कुंतल सब्जियां मातली हेलीपैड भेजीं, जिन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए हर्षिल पहुंचाया जा रहा है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में बेतरतीब निर्माण और जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी आपदाएं और बढ़ सकती हैं।