इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने खुशी जताई। वहां मौजूद लोगों ने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया।

देश की राजनीति और शिक्षा जगत में इस समय हलचल तेज हो गई है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
पिछले कुछ समय से नीट पेपर लीक का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है। हजारों छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटे और विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि पेपर लीक की वजह से लाखों मेहनती उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हुआ है और उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष भी लगातार सरकार पर निशाना साध रहा था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री से जिम्मेदारी तय करने और जवाब देने की मांग की थी। विपक्ष का कहना था कि इतनी बड़ी परीक्षा में हुई गड़बड़ी के लिए जवाबदेही तय होना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
जानकारी के मुताबिक सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच आज तीसरे दौर की बातचीत होनी थी लेकिन इस बैठक से पहले ही धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आ गई। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद जंतर-मंतर पर मौजूद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने खुशी जताई। वहां मौजूद लोगों ने इसे आंदोलन की बड़ी सफलता बताया। उनका कहना था कि छात्रों की आवाज आखिरकार सरकार तक पहुंची और उसका असर देखने को मिला।
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