बांग्लादेश के हिंदुओं को लेकर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?
Dhirendra Shastri
भारत
चेतना मंच
26 Nov 2024 08:25 PM
Dhirendra Shastri : बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हिंदू एकता यात्रा का आज छठा दिन है, जो मंगलवार को झांसी के मऊरानीपुर से शुरू होकर घुघसी गांव तक जाएगी। यात्रा के दौरान भक्तों में अपार उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर शास्त्री ने संभल हिंसा, चिन्मय दास प्रकरण और मुस्लिम आबादी से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपने विचार व्यक्त किए।
बांग्लादेश में हिंदुओं को जागरूक होना है जरूरी
उन्होंने बांग्लादेश का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के हिंदुओं को जागरूक होना चाहिए, क्योंकि यदि हम खुद के लिए नहीं उठेंगे, तो एक-एक करके हमारे मंदिर और मस्जिदों में तब्दील हो जाएंगे। बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते अत्याचार की खबरें आ रही हैं, और इस बीच चटगांव इस्कॉन के अध्यक्ष चिन्मय कृष्णन दास को ढाका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वे हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं, खासकर शेख हसीना सरकार के बाद। पुलिस का कहना है कि उनकी रैली में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हुआ था।
भारत के हिंदुओं से की अपील
धीरेंद्र शास्त्री ने चिन्मय दास के मामले पर कहा कि बांग्लादेश के हिंदू अगर कायर बने रहे, तो उन्हें छुड़वाना मुश्किल होगा। उन्होंने भारत के हिंदुओं से अपील की कि वे अपनी आवाज बुलंद करें और बांग्लादेश के हिंदुओं के समर्थन में सड़कों पर उतरें, वरना भविष्य में उनके मंदिर भी मस्जिद में बदल सकते हैं। शास्त्री ने यह भी कहा कि वे 100 करोड़ हिंदुओं की चिंता में रात-दिन संघर्ष कर रहे हैं, और बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ खड़े हैं।
आध्यात्मिक और बजरंगबली की यात्रा
शास्त्री ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और बांग्लादेश की स्थिति एक जैसी होती जा रही है, और यहां की हिंसा से यह साबित होता है कि कुछ वर्ग अपनी संख्या के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से हमले कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो नुकसान करेगा, उसे उसकी भरपाई करनी चाहिए। यात्रा के छठे दिन शास्त्री ने यह भी कहा कि यह आध्यात्मिक और बजरंगबली की यात्रा है, जो देश के हिंदू समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आज संविधान दिवस और मुंबई हमले की सालगिरह के दिन, यदि 100 करोड़ हिंदुओं में से 1 करोड़ कट्टर हिंदू एकजुट हो जाएं, तो सनातन धर्म पर कोई ऊंगली नहीं उठा सकेगा।