प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के इस्तेमाल के बाद इस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से एक अकाउंट सामने आया है, जिसने अपने नाम और गतिविधियों को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है।

Dimaagi Naxal Janata Party : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के इस्तेमाल के बाद इस पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ नाम से एक अकाउंट सामने आया है, जिसने अपने नाम और गतिविधियों को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। अकाउंट के प्रोफाइल विवरण में संस्थापक के तौर पर ‘एक दिमागी भारतीय’ और सह-संस्थापक के रूप में ‘56 इंच’ लिखा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसके पीछे वास्तविक व्यक्ति या संगठन कौन है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। Dimaagi Naxal Janata Party
एक्स पर यह अकाउंट फिलहाल करीब 17 अकाउंट को फॉलो करता है। इनमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, यूट्यूबर ध्रुव राठी, कॉमेडियन कुणाल कामरा, अभिनेता प्रकाश राज और फैक्ट-चेकर मोहम्मद जुबैर समेत कई नाम शामिल हैं। इसके अलावा अकाउंट राजनीतिक कंटेंट क्रिएटर अर्पित शर्मा, यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह, राजनीतिक कमेंटेटर तरुण गौतम, डॉ. निमो यादव 2.0, पैरोडी अकाउंट ‘रोफल गांधी 2.0’ और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को भी फॉलो करता है। इंस्टाग्राम पर भी इस नाम से मौजूद अकाउंट को बड़ी संख्या में लोग फॉलो कर रहे हैं। Dimaagi Naxal Janata Party
‘दिमागी नक्सल जनता पार्टी’ अकाउंट की गतिविधियों में अभिनेता प्रकाश राज की एक पोस्ट को रीट्वीट किया जाना भी शामिल है। पोस्ट में लोगों से किसी भी बात को बिना सवाल किए स्वीकार करने के बजाय तर्क और सवाल के साथ चीजों को देखने की अपील की गई थी। प्रकाश राज ने अपनी पोस्ट में लोगों से सवाल पूछने और स्वतंत्र रूप से सोचने का संदेश दिया था। इसी पोस्ट को इस अकाउंट ने रीट्वीट किया। Dimaagi Naxal Janata Party
यह अकाउंट ऐसे समय चर्चा में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से अपने संबोधन में ‘दिमागी नक्सल’ सोच का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री के बयान के बाद इस शब्द को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने भी इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने पर गर्व है। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी इस शब्द को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। Dimaagi Naxal Janata Party
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए नहीं किया गया था। किरेन रिजिजू के मुताबिक, यह शब्द उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया गया जो माओवादियों का समर्थन करते हैं, संविधान को नहीं मानते, अलगाववादियों का समर्थन करते हैं या देश की एकता और अखंडता के खिलाफ विचार रखते हैं। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में सोशल मीडिया पर शरजील इमाम के ‘चिकन नेक’ से जुड़े पुराने बयान का वीडियो भी साझा किया था। Dimaagi Naxal Janata Party
विज्ञापन