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कांग्रेस के राज्यसभा सांसद तारिक अनवर ने इस संभावना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जद(यू) एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है और अपने हितों के लिए वह जो भी फैसला ले, उसे रोका नहीं जा सकता।

Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा चुनाव के दांव-पेच के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर अटकलें अपने चरम पर हैं। निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा जोर-शोर से हो रही है, जिस पर कांग्रेस और जद(यू) दोनों पक्षों से बयान सामने आए हैं।
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद तारिक अनवर ने इस संभावना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जद(यू) एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है और अपने हितों के लिए वह जो भी फैसला ले, उसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ''नीतीश कुमार और उनकी लिगेसी राजनीति में आगे चले, इसके लिए शायद उनका यह फैसला होगा। मैं समझता हूं कि आने वाले समय में वो चाहते हैं कि उनकी जो लिगेसी है वो कायम रहे।''
इस बीच, जद(यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने पर मुहर लगाते हुए कहा कि यह पार्टी के सामाजिक समूह और बिहार के आम आदमी की सदिच्छा है। उन्होंने कहा, ''निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं, यह जनता दल (यूनाइटेड) के समर्थकों की इच्छा है। अगर कुछ लोग इससे असंतुष्ट होते हैं तो यह उनका विषय है।'' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बयानों के बाद अब यह महज कयास नहीं रह गया है और इस दिशा में एक सार्थक पहल नेतृत्व को तय करना है।
निशांत कुमार के मुद्दे के अलावा, तारिक अनवर ने पश्चिम बंगाल में 'SIR' (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ईशा खान चौधरी के चुनाव बहिष्कार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ''बंगाल में SIR के पर्दे के पीछे जो कुछ हो रहा है, वह गंभीर है। तृणमूल कांग्रेस के गढ़ों से पारंपरिक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।''
बता दें कि बिहार से राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है, जबकि चुनाव 16 मार्च को होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नीतीश कुमार अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने के लिए इस चुनाव को माध्यम बनाते हैं। Bihar Politics
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