अमावस्या दो दिन तक लेकिन दिवाली पूजा कब करें? पढ़ें 2025 का पूरा गाइड
भारत
चेतना मंच
26 Sep 2025 12:21 PM
दिवाली का त्योहार हर साल कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन 2025 में दिवाली की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ी उलझन बनी हुई है क्योंकि इस बार अमावस्या की तिथि दो दिनों तक रहेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर लक्ष्मी पूजा किस दिन करनी चाहिए? Diwali 2025
दो दिन की अमावस्या क्यों?
पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 3:44 बजे शुरू होकर अगले दिन 21 अक्टूबर की शाम 5:54 बजे तक रहेगी। इस कारण अमावस्या की तिथि पूरे दो दिन तक बनी रहेगी जिससे लोगों के मन में दिवाली की सही तारीख को लेकर भ्रम पैदा हो गया है।
लक्ष्मी पूजन की सही तिथि
हिंदू शास्त्रों के अनुसार दिवाली का मुख्य पर्व उसी दिन मनाना चाहिए जब अमावस्या तिथि प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद का समय) और निशिता काल (मध्यरात्रि का समय) दोनों में मौजूद हो। 20 अक्टूबर को अमावस्या प्रदोष और निशिता काल दोनों में रहेगी, जबकि 21 अक्टूबर को अमावस्या सूर्योदय तक ही रहेगी और प्रदोष काल से पहले समाप्त हो जाएगी। इसलिए ज्यादातर धार्मिक विद्वान और ज्योतिषी 20 अक्टूबर सोमवार को ही दिवाली मनाने और महालक्ष्मी पूजा करने की सलाह देते हैं। वहीं 21 अक्टूबर को अमावस्या तिथि होने के कारण स्नान, दान और पितरों के तर्पण जैसे कर्म किए जाएंगे।
दिवाली 2025 में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
प्रदोष काल: शाम 5:46 बजे से रात 8:18 बजे तक यह समय पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है।
स्थिर लग्न (वृषभ काल): शाम 7:08 बजे से रात 9:03 बजे तक, जब मां लक्ष्मी का वास होता है।
निशिता काल (मध्यरात्रि पूजा): रात 11:41 बजे से अगले दिन सुबह 12:31 बजे तक तांत्रिक और विशिष्ट पूजा के लिए उत्तम समय।
21 अक्टूबर को अमावस्या सूर्योदय तक रहने के कारण यह दिन स्नान-दान और पितरों के तर्पण के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस बार दिवाली और लक्ष्मी पूजन का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर सोमवार को मनाना सबसे उचित रहेगा। 21 अक्टूबर को अमावस्या के अंतिम धार्मिक कर्म पूरे करें। इस तरह दो दिन की अमावस्या में दोनों दिनों के महत्व को समझकर सही पूजा-अर्चना की जा सकेगी।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता है। Diwali 2025