
Dr. Akshata Krishnamurthy : दुनिया में बहत कम नाम ऐसे होते हैं जिनके जीवन से प्रेरणा ली जा सकती है। इतिहास में तो ऐसे नाम मौजूद हैं जिनसे सीख कर आप बड़ी से बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं। वर्तमान में ऐसे चंद ही नाम हैं जिनसे प्रेरणा ली जा सकती है। ऐसा ही एक नाम है भारत की लाड़ली बेटी डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति का। मंगल ग्रह तक अपनी प्रतिभा का कौशल दिखाने वाली डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति संघर्ष का दूसरा नाम है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति से जीवन में जीत का तरीका सीख सकता है। नीचे आपको बताते हैं। डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति की प्रेरणा देने वाली कहानी।
आपको बता दें कि इंस्टाग्राम पर उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को साझा किया है। उन्होंने कहा, 'कोई भी सपना कभी भी बहुत बड़ा या पागलपन भरा नहीं होता। खुद पर विश्वास रखें। लक्ष्य पर निगाह टिकाए रखे। मैं वादा करती हूं कि आप कड़ी मेहनत करेंगे तो वहां जरूर पहुंचेंगे।' जहां आपको पहुंचना है। बस डरें नहीं और मेहनत करते रहे, लगातार करते रहें।
डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति ने MIT (मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) से Phd की है। वह उन कुछ भारतीयों में से हैं, जो पूर्णकालिक अवसर के लिए नासा में शामिल हुई हैं। डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति नासा में प्रमुख इन्वेस्टिगेटर और मिशन विज्ञान चरण लीड हैं। नासा में पिछले पांच वर्षों से वह काम कर रही हैं। अक्षता ने अपनी प्रेरक यात्रा को इंस्टाग्राम पर साझा किया है। उन्होंने बताया कि वह मंगल ग्रह पर रोवर को संचालित करने और पृथ्वी पर वापस लाने वाले नमूने इकट्ठा करने वाली पहली भारतीय नागरिक बनीं।
डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति की यात्रा 13 साल पहले शुरू हुई थी। जब वह नासा में काम करने का सपना लेकर अमेरिका पहुंची थीं। क्योंकि वह एक विदेशी नागरिक थीं, इस कारण उनके लिए यह लक्ष्य पाना बेहद मुश्किल था। विशेषज्ञों ने उनसे कहा कि उनका सपना बेहद मुश्किल है, इसलिए वह कोई नया लक्ष्य बनाएं। हालांकि अक्षता ने किसी की नहीं सुनी और अपने लक्ष्य तक पहुंचने में डटी रहीं। उन्होंने लिखा, MIT में पीएचडी करने से लेकर नासा में पूर्णकालिक नौकरी पानी के लिए सैकड़ों दरवाजे खटखटाने तक, कुछ भी आसान नहीं था। आज मैं कई शानदार अंतरिक्ष मिशनों पर काम करती हूं, जिसमें पृथ्वी पर वापस लाने के लिए नमूने इकट्ठा करने वाला पर्सिवरेंस रोवर भी शामिल है।'
इंस्टाग्राम पर उनके वीडियो को अब तक 70 लाख से ज्यादा लोग देख चुके हैं। भारतीय लोगों ने उनकी प्रशंसा की। एक यूजर ने कमेंट में लिखा, 'सच में यह बेहद प्रभावशाली और सराहनीय है। तो देर किस बात की डॉ. अक्षता कृष्णमूर्ति के लगातार मेहनत करने वाले फार्मूले को अपनाकर आप भी गाड़ दीजिए अपनी जीत का झंडा।