2025 में कब जलेगा रावण? जानिए दशहरा की तिथि, मुहूर्त और महत्व
भारत
RP Raghuvanshi
30 Nov 2025 11:48 AM
क्या आप भी असमंजस में हैं कि दशहरा 1 अक्टूबर को है या 2 अक्टूबर को? चलिए इस उलझन को दूर करते हैं। इस साल विजयादशमी का पर्व गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025 को पूरे भारत में श्रद्धा और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। यह दिन भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। इसे अच्छाई की बुराई पर जीत के रूप में मनाया जाता है और यह पर्व पूरे देश में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। Vijayadashami 2025
दशमी तिथि और पूजा मुहूर्त
दशमी तिथि प्रारंभ: 1 अक्टूबर 2025, शाम 7:01 बजे
दशमी तिथि समाप्त: 2 अक्टूबर 2025, शाम 7:10 बजे
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:09 से 2:57 तक (कुल 48 मिनट)
अपराह्न पूजा का समय (बंगाल): दोपहर 1:21 से 3:45 तक
श्रवण नक्षत्र: 2 अक्टूबर सुबह 9:13 बजे से 3 अक्टूबर सुबह 9:34 बजे तक
नोट: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब दशमी तिथि पूरे दिन और श्रवण नक्षत्र उपलब्ध हो तब वही दिन विजयादशमी/दशहरा के रूप में मनाया जाता है।
कैसे और कहां मनाया जाता है दशहरा?
उत्तर भारत: रामलीलाएं होती हैं और शाम को रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है।
पश्चिम बंगाल: इसे विजया दशमी कहा जाता है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन होता है और महिलाएं 'सिंदूर खेला' करती हैं।
मैसूर (कर्नाटक): मशहूर मैसूर दशहरा उत्सव आयोजित होता है जिसमें भव्य झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।
नेपाल: यहां इसे 'दशैं' कहा जाता है और यह वहां का सबसे बड़ा पर्व है।
विजयादशमी का महत्व
दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, यह सत्य, साहस और आत्मविश्वास का उत्सव है। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि चाहे परिस्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो सच्चाई और धर्म की सदा विजय होती है। यह पर्व नई शुरुआत, नकारात्मकता से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। परंपरागत रूप से इस दिन शस्त्र पूजा, शमी वृक्ष की पूजा, अपराजिता पूजा और सीमोल्लंघन जैसे अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है।
क्या करें इस दिन?
शुभ मुहूर्त में पूजा-अर्चना करें।
बच्चों को दशहरा के पौराणिक महत्व की कहानियां सुनाएं।
बुराई का प्रतीक बनी आदतों को छोड़ने का संकल्प लें।
घर-परिवार के साथ विजय उत्सव मनाएं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है।चेतना मंच इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। Vijayadashami 2025