
मतदान केवल हमारा अधिकार ही नहीं बल्कि हमारी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। एक मजबूत और सशक्त लोकतंत्र तभी कायम रह सकता है जब हर नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करे। इसी उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव और 8 उपचुनाव क्षेत्रों में मतदान करने वाले सभी कर्मचारियों को पेड लीव देने का ऐलान किया है। आयोग ने चुनाव की तारीखें भी घोषित कर दी हैं: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर 2025 (गुरुवार) को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर 2025 (मंगलवार) को होगा। वहीं, आठों उपचुनाव क्षेत्रों में भी मतदान 11 नवंबर 2025 को ही कराया जाएगा। यह सुनिश्चित किया गया है कि हर मतदाता आसानी से अपने निर्वाचन क्षेत्र में आकर वोट डाल सके और लोकतंत्र में अपनी हिस्सेदारी निभा सके। Bihar Elections 2025
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण: 6 नवंबर 2025 (गुरुवार)
दूसरा चरण: 11 नवंबर 2025 (मंगलवार)
8 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव भी 11 नवंबर 2025 को होंगे।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135 बी के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, उद्योग, कार्यालय या प्रतिष्ठान में काम करने वाला हर व्यक्ति लोकसभा या राज्य/संघ राज्य क्षेत्र की विधानसभा चुनाव में मतदान करने का अधिकार रखता है। इसे सुनिश्चित करने के लिए मतदान के दिन सवेतन अवकाश (पेड लीव) अनिवार्य किया गया है। इस अवकाश पर कर्मचारियों का वेतन प्रभावित नहीं होगा। यदि कोई संगठन या कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है। यानी, चाहे सरकारी हो या निजी क्षेत्र, हर नौकरीपेशा नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का पूरा हक है, और इसे आसानी से सुनिश्चित किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई मतदाता अपने पंजीकृत निर्वाचन क्षेत्र से बाहर काम करता है, तो भी उसे मतदान के दिन पेड लीव का पूरा अधिकार मिलेगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि हर नागरिक अपने क्षेत्र में आकर आसानी से वोट डाल सके और लोकतंत्र में अपनी भागीदारी निभा सके। साथ ही आयोग ने सभी राज्य और संघ राज्य क्षेत्र की सरकारों को निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का कड़ाई से पालन कराएँ। यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि हर मतदाता स्वतंत्र, सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। Bihar Elections 2025