
Dr. Ajay Kumar Mishra[/caption]
Editorial : किसी भी देश के लिए वहां की जनसँख्या आशीर्वाद है जब उनकी क्षमता का दोहन सही तरीके से किया जाय, इसके ठीक विपरीत वही जनसँख्या उनके लिए किसी बड़े अभिशाप से कम नहीं है यदि उपलब्ध संसाधनों के अनुपात में जनसँख्या अत्यधिक हो | हाल ही में यूनाइटेड नेशंस द्वारा जारी किये गए आकड़ों के अनुसार भारत की जनसँख्या 142.86 करोड़ हो गयी है | हमारी आबादी दुनियां में किसी भी देश की आबादी से सर्वाधिक है | हमारे पश्चात् चीन दुसरें क्रम पर है जिसकी आबादी 142.57 करोड़ है | हमसे पहले चीन की आबादी दुनियां में सर्वाधिक थी |