अनिल अंबानी पर ED की दोहरी मार, दिल्ली-मुंबई में लगातार छापे
Anil Ambani
भारत
चेतना मंच
26 Jul 2025 04:37 PM
Anil Ambani: रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बीते 48 घंटे से दिल्ली और मुंबई में रिलायंस समूह (Reliance Group) से जुड़ी कंपनियों और अधिकारियों के 35 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर रखी है। यह कार्रवाई करीब 3,000 करोड़ रुपये के कथित लोन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की जा रही है। ईडी की टीमों ने गुरुवार सुबह 7 बजे से तलाशी अभियान की शुरुआत की थी जो आज शनिवार को भी जारी है। छापेमारी की कार्रवाई खासकर रिलायंस पावर, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और समूह की अन्य कंपनियों से जुड़े कार्यालयों और परिसरों में की जा रही है।
रिलायंस ग्रुप का बयान
रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक बयान जारी कर कहा है कि, "यह छापेमारी समूह की कुछ पुरानी कंपनियों से संबंधित मामलों के संदर्भ में हो रही है। हमारी वर्तमान परिचालन इकाइयों या अधिकारियों का उन मामलों से कोई लेना-देना नहीं है।" बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ये मामले RAAGA कंपनियों से संबंधित हैं जो अतीत में रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (Ambani Group) की कुछ संस्थाएं थीं और अब संचालन में नहीं हैं।
जांच में शामिल कई बड़ी एजेंसियां
सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में राष्ट्रीय आवास बैंक (NHB), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी संस्थाओं ने ईडी को महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराईं हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ लोन ट्रांजेक्शन से ठीक पहले धनराशि रिलायंस समूह से जुड़ी कंपनियों के खाते में ट्रांसफर हुई थी, जिनका कथित संबंध यस बैंक के पूर्व प्रवर्तकों से जुड़ी इकाइयों से था। इससे यह संदेह गहरा हो गया है कि लोन देने और लेने वालों के बीच घूसखोरी और अंदरूनी सौदेबाजी की साजिश रची गई थी।
ईडी इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने की कोशिश कर रही है और अनिल अंबानी समूह की कंपनियों व यस बैंक के प्रवर्तकों के बीच कथित सांठगांठ की जांच कर रही है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में पूछताछ और कड़ी कार्रवाई संभव है।