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मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

George Kurian's Resignation : मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और मत्स्य पालन राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार में मंत्रिमंडल स्तर पर बदलाव को लेकर राजनीतिक चचार्एं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जॉर्ज कुरियन का राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में समाप्त हो गया था। भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें दोबारा उच्च सदन में नामित नहीं किया, जिसके बाद उनके इस्तीफे का रास्ता साफ हुआ। वे अगस्त 2024 से केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्यरत थे।
George Kurian's Resignation
1980 से भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेत65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन भाजपा के पुराने और अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे 1980 से ही पार्टी संगठन से जुड़े रहे हैं और लंबे समय तक विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे हैं। राजनीति में आने से पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी की है। जून 2024 में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने के बाद उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने 9 जून 2024 को शपथ ली थी और 11 जून को औपचारिक रूप से मंत्रालय का कार्यभार संभाला थाGeorge Kurian's Resignation
राजनीतिक करियर में जॉर्ज कुरियन ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा वे तत्कालीन रेल राज्य मंत्री ओ. राजगोपाल के विशेष कर्तव्य अधिकारी (ओएसडी) भी रह चुके हैं। इस्तीफे के बाद केंद्र में संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम भाजपा की आंतरिक रणनीति और हालिया चुनावी समीकरणों से भी जुड़ा हो सकता है।George Kurian's Resignation
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