
Elephant Hunting: नोएडा। वर्ष 2022 में कुल 32 हाथियों ने देशभर में दम तोड़ दिया। यह जानकारी एक आरटीआई के माध्यम से नोएडा के पर्यावरणविद रंजन तोमर को वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो द्वारा प्रदान की गई है। आपको बता दें कि झारखंड में सर्वाधिक हाथियों की मौत हुई है।
पर्यावरविद रंजन तोमर की ओर से वन्यजीव अपराधि नियंत्रण ब्यूरो से आरटीआई के तहत देशभर के हाथियों की जानकारी मांगी थी। रंजन तोमर ने पूछा था कि जनवरी 2022 से लगाकर अंत तक देशभर में कितने हाथियों की मृत्यु हुई। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने अपने जवाब में बताया कि देशभर में कुल 32 हाथी की मौत वर्ष 2022 के दौरान हुई। ब्यूरो कहता है कि सबसे ज़्यादा हाथियों की मृत्यु झारखण्ड में हुई जहां पिछले वर्ष 14 हाथियों की मृत्यु हुई। दूसरे नंबर पर उत्तराखंड रहा जहां 7 हाथियों की मृत्यु हुई। इसके बाद ओडिशा में 6, तमिलनाडु में 2, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश और कर्णाटक में 1 -1 हाथियों की मृत्यु हुई।
पिछले वर्ष इस एक वर्ष की अवधि में 9 हाथियों का शिकार हुआ है जिसमें सबसे ज़्यादा झारखण्ड में हाथी मारे गए और एक भी शिकारी अब तक गिरफ्तार नहीं हो पाया। ओडिशा में 3 हाथी मारे गए, जहां 8 शिकारियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में एक एक हाथी का शिकार किया गया।
आपको बता दें कि रंजन तोमर लगातार हाथियों के शिकार पर आरटीआई के माध्यम से जानकारी एकत्रित जनता तक पहुंचा रहे हैं। इससे सरकारें दबाव में आयी और कड़े कानून बने हैं, जिसका नतीजा सामने आने लगा है। 2019 में लगाई गई एक आरटीआई में रंजन तोमर ने दस वर्ष में तकरीबन 429 हाथियों के शिकार की जानकारी निकलवाई थी, जो बेहद चर्चा में रही। इसके आलावा 2021 में 49 हाथियों के शिकार की जानकारी भी तोमर ने साझा की जो मीडिया और जनता में चर्चा का विषय रही। इस वर्ष हाथियों के शिकार का आंकड़ा 9 रहा, जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम है। ऐसे में पर्यावरणविदों को इससे कुछ राहत ज़रूर मिलेगी।