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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़े डिजिटल बदलाव की तैयारी में है। ईपीएफओ 3.0 के तहत भविष्य निधि (पीएफ) निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, तेज और पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

EPFO : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़े डिजिटल बदलाव की तैयारी में है। ईपीएफओ 3.0 के तहत भविष्य निधि (पीएफ) निकासी और ट्रांसफर की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, तेज और पेपरलेस बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस नई व्यवस्था में यूपीआई और एटीएम-सक्षम सिस्टम के जरिए सीधे पीएफ पैसे निकालने की सुविधा मिल सकती है।
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ईपीएफओ 3.0 एक अपग्रेडेड डिजिटल सिस्टम है, जिसका उद्देश्य पीएफ सेवाओं को बैंकिंग की तरह आसान बनाना है। इसके तहत यूजर्स को एटीएम आधारित ट्रांजैक्शन, आॅटो-सेटलमेंट और यूपीआई आधारित निकासी जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। अब तक सरकार की ओर से कोई फाइनल लॉन्च डेट घोषित नहीं की गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक टेस्टिंग पूरी हो चुकी है और इसे 2026 के मध्य तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी अनुमान लगाया गया है कि यूपीआई/एटीएम आधारित निकासी सुविधा 2026 की शुरुआत से मध्य तक शुरू हो सकती है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
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नई व्यवस्था लागू होने के बाद सदस्य:
* पीएफ खाते में उपलब्ध बैलेंस देख सकेंगे
* यूपीआई आईडी या एटीएम कार्ड से वेरिफिकेशन करेंगे
* ओपीटी/यूपीआई पिन के जरिए ट्रांजैक्शन पूरा होगा
* पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगा
एटीएम सिस्टम में पीएफ लिंक्ड कार्ड जारी करने की भी योजना बताई जा रही है।
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ईपीएफओ 3.0 में आंशिक निकासी की सुविधा होगी:
* लगभग 50% से 75% तक पीएफ निकासी संभव
* शेष 25% राशि रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित रहेगी
* कुछ परिस्थितियों (मेडिकल, शिक्षा, शादी) में नियम अलग हो सकते हैं।
ईपीएफओ ने आॅटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख तक कर दी है, जिससे कई क्लेम बिना मैनुअल जांच के तेजी से निपटाए जा सकेंगे। इससे प्रोसेसिंग टाइम काफी कम होगा। ईपीएफओ 3.0 भारत की पीएफ प्रणाली में एक बड़ा डिजिटल बदलाव साबित हो सकता है। हालांकि यह सुविधा अभी पूरी तरह लाइव नहीं है, लेकिन लागू होने के बाद करोड़ों कर्मचारियों को अपने पीएफ पैसे तक तेज, आसान और सीधा एक्सेस मिल सकेगा।
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