नई दिल्ली। सेवानिवृत्त होने के बाद अपनी पेंशन पाने के लिए ईपीएफओ दफ्तर के चक्कर लगाने पर मजबूर होने वाले सैकड़ों कर्मचारियों को बड़ी राहत की घोषणा की है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा शुरू किए गए 'प्रयास' अभियान के तहत अब कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन जारी हो जाएगी। ईपीएफओ विभाग की इस पहल से कर्मचारियों व उनके स्वजन को पेंशन व अन्य देयकों के लाभ के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिल जाएगा। इससे सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को ईपीएफओ कार्यालय का चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाएगी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने ग्राहकों को निर्बाध सेवा सुनिश्चित करने के लिए कोरोना महामारी में कई नीतिगत और डिजिटल पहल की हैं। अभी तक सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को पेंशन के लिए इंतजार करना पड़ता था। यहां तक कि पहले पेंशन के कागजात प्राप्त होने में एक-एक वर्ष तक का समय लग जाता था, जिससे अब निजात मिल गई है। ईपीएफओ की इस योजना को ‘प्रयास’ नाम दिया गया है।
मिलेगी निजात :
सेवानिवृत्त होने के बाद कर्मचारियों को पहले पेंशन लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। पहले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने पेंशन के कागजात लेकर क्षेत्रीय ईपीएफ कार्यालय जाना पड़ता था। इसके साथ ही सभी दस्तावेज लेने के लिए कंपनी के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस योजना के शुरू होने के बाद अब सेवानिवृत्ति से कुछ दिन पूर्व सदस्य अपने पेंशन पेपर कंपनी के माध्यम से जमा कर रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन आर्डर प्राप्त कर सकेगा।
एक बार पेंशन आर्डर जारी होने के बाद विभाग द्वारा नियमित रूप से पेंशन सदस्य के बैंक खाते के माध्यम से जाती रहेगी। यही नहीं, पहले वर्ष में एक बार नवंबर माह में दिया जाने वाला ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र भी अब वर्ष में कभी भी दिया जा सकता है। इसे कर्मचारी अपनी सुविधा के अनुसार भर सकते हैं।
ऑनलाइन जीवन प्रमाणपत्र जमा करने का भी नियम बदला :
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की विशेष पहल 'प्रयास' के तहत कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन संबंधित सुविधाओं को सुपुर्द करने की पहल की जा रही है। जिससे सेवानिवृत्ति के बाद सदस्यों पेंशन के लिए भागदौड़ निजात मिल सके और बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जा सके। इस प्रक्रिया में ई-नामिनेशन की महत्वपूर्ण भूमिका है।