इंडियन एक्सप्रेस के हिंदी संस्करण का नेतृत्व करेंगे सौरभ द्विवेदी
मीडिया इंडस्ट्री में इसे इंडियन एक्सप्रेस की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए समूह अपनी अंग्रेजी पत्रकारिता की विश्वसनीयता और रिपोर्टिंग को हिंदी पट्टी के बड़े पाठक वर्ग तक और प्रभावी ढंग से पहुंचाना चाहता है।

Saurabh Dwivedi : वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी अब द इंडियन एक्सप्रेस के नए हिंदी संस्करण का नेतृत्व करने जा रहे हैं। इस नई भूमिका में वे हिंदी प्लेटफॉर्म के सम्पूर्ण संपादकीय और ऑपरेशनल ढांचे की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिसमें वीडियो शोज, डिजिटल प्रोडक्ट्स और ई-पेपर भी शामिल होंगे। मीडिया इंडस्ट्री में इसे इंडियन एक्सप्रेस की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए समूह अपनी अंग्रेजी पत्रकारिता की विश्वसनीयता और रिपोर्टिंग को हिंदी पट्टी के बड़े पाठक वर्ग तक और प्रभावी ढंग से पहुंचाना चाहता है।
इंडिया टुडे ग्रुप से 12 साल बाद विदाई
इससे पहले इसी महीने सौरभ द्विवेदी ने करीब 12 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बाद इंडिया टुडे ग्रुप से इस्तीफा दिया था। वे द लल्लनटॉप के संस्थापक संपादक रहे हैं और बाद में इंडिया टुडे हिंदी के संपादक की जिम्मेदारी भी संभाली। उनके नेतृत्व में लल्लनटॉप ने हिंदी डिजिटल मीडिया में अलग पहचान बनाई और खासकर युवा दर्शकों के बीच मजबूत जुड़ाव खड़ा किया। सौरभ द्विवेदी ने 5 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। पहली पोस्ट में उन्होंने लल्लनटॉप के साथ यात्रा को याद करते हुए धन्यवाद कहा और आगे के लिए अध्ययन अवकाश तथा नए संकल्प की बात लिखी। दूसरी पोस्ट में उन्होंने एक तस्वीर के साथ एक हिंदी शेर साझा किया, जिसे उनके अगले पड़ाव की ओर इशारा माना गया।
लल्लनटॉप से बनाई डिजिटल पहचान
सौरभ द्विवेदी ने इंडिया टुडे ग्रुप में आज तक में फीचर्स एडिटर के तौर पर शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने कमलेश सिंह के साथ मिलकर द लल्लनटॉप की सह-स्थापना की। यही वह दौर रहा जब हिंदी डिजिटल दर्शक खासकर नए और युवा पाठकतेजी से एक नई किस्म की पत्रकारिता से जुड़ रहे थे, और लल्लनटॉप ने उसी बदलाव में अपनी जगह बनाई। सौरभ द्विवेदी के इस्तीफे के वक्त इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा था कि द्विवेदी ने द लल्लनटॉप को भारत के हिंदी हार्टलैंड के युवाओं के लिए भरोसेमंद और पसंदीदा मंच बनाया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सौरभ समूह के मौजूदा दायरे से आगे जाकर नई रचनात्मक संभावनाएं तलाशना चाहते थे और अब उनका अगला कदम उसी दिशा में देखा जा रहा है। Saurabh Dwivedi
Saurabh Dwivedi : वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी अब द इंडियन एक्सप्रेस के नए हिंदी संस्करण का नेतृत्व करने जा रहे हैं। इस नई भूमिका में वे हिंदी प्लेटफॉर्म के सम्पूर्ण संपादकीय और ऑपरेशनल ढांचे की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिसमें वीडियो शोज, डिजिटल प्रोडक्ट्स और ई-पेपर भी शामिल होंगे। मीडिया इंडस्ट्री में इसे इंडियन एक्सप्रेस की उस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए समूह अपनी अंग्रेजी पत्रकारिता की विश्वसनीयता और रिपोर्टिंग को हिंदी पट्टी के बड़े पाठक वर्ग तक और प्रभावी ढंग से पहुंचाना चाहता है।
इंडिया टुडे ग्रुप से 12 साल बाद विदाई
इससे पहले इसी महीने सौरभ द्विवेदी ने करीब 12 वर्षों के लंबे कार्यकाल के बाद इंडिया टुडे ग्रुप से इस्तीफा दिया था। वे द लल्लनटॉप के संस्थापक संपादक रहे हैं और बाद में इंडिया टुडे हिंदी के संपादक की जिम्मेदारी भी संभाली। उनके नेतृत्व में लल्लनटॉप ने हिंदी डिजिटल मीडिया में अलग पहचान बनाई और खासकर युवा दर्शकों के बीच मजबूत जुड़ाव खड़ा किया। सौरभ द्विवेदी ने 5 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो पोस्ट के जरिए अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी। पहली पोस्ट में उन्होंने लल्लनटॉप के साथ यात्रा को याद करते हुए धन्यवाद कहा और आगे के लिए अध्ययन अवकाश तथा नए संकल्प की बात लिखी। दूसरी पोस्ट में उन्होंने एक तस्वीर के साथ एक हिंदी शेर साझा किया, जिसे उनके अगले पड़ाव की ओर इशारा माना गया।
लल्लनटॉप से बनाई डिजिटल पहचान
सौरभ द्विवेदी ने इंडिया टुडे ग्रुप में आज तक में फीचर्स एडिटर के तौर पर शुरुआत की थी। बाद में उन्होंने कमलेश सिंह के साथ मिलकर द लल्लनटॉप की सह-स्थापना की। यही वह दौर रहा जब हिंदी डिजिटल दर्शक खासकर नए और युवा पाठकतेजी से एक नई किस्म की पत्रकारिता से जुड़ रहे थे, और लल्लनटॉप ने उसी बदलाव में अपनी जगह बनाई। सौरभ द्विवेदी के इस्तीफे के वक्त इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा था कि द्विवेदी ने द लल्लनटॉप को भारत के हिंदी हार्टलैंड के युवाओं के लिए भरोसेमंद और पसंदीदा मंच बनाया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सौरभ समूह के मौजूदा दायरे से आगे जाकर नई रचनात्मक संभावनाएं तलाशना चाहते थे और अब उनका अगला कदम उसी दिशा में देखा जा रहा है। Saurabh Dwivedi












