एवरेस्ट का 'डेथ जोन': 8000 मीटर के बाद शुरू होता है जीवन-मृत्यु का संघर्ष

खतरनाक ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन का स्तर समुद्र तल की तुलना में लगभग एक-तिहाई रह जाता है। शरीर को सामान्य कामकाज के लिए जितनी ऑक्सीजन चाहिए, वह यहां उपलब्ध नहीं होती। यही कमी जानलेवा साबित होती है।

Highest peak Mount Everest

जल्दी उतरना ही है एकमात्र इलाज (फाइल फोटो)

locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Feb 2026 12:58 PM
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