Excise Scam : सिसोदिया को नहीं मिली जमानत, अदालत ने कहा, आरोप बहुत गंभीर है
Sisodia did not get bail, the court said, the charge is very serious
भारत
चेतना मंच
30 May 2023 07:55 PM
नयी दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति से जुड़े उस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया को मंगलवार को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं। इस मामले की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है।
Excise Scam
साउथ ग्रुप के इशारे पर बनाई गई आबकारी नीति
न्यायमूर्ति दिनेश कुमार शर्मा ने ‘आप’ के नेता को यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया कि उनके खिलाफ लगे आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं। सिसोदिया को मामले में 26 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था। उच्च न्यायालय ने जमानत याचिका पर अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्होंने 18 विभागों के साथ उपमुख्यमंत्री का पद संभाला है और गवाहों के प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि दलीलों के मद्देनजर आरोप बहुत गंभीर प्रकृति के हैं। आबकारी नीति साउथ ग्रुप के इशारे पर उन्हें अनुचित लाभ देने के लिए गलत इरादे से बनाई गई थी। इस तरह के कृत्य याचिकाकर्ता के कदाचार की ओर इशारा करते हैं, जो वास्तव में एक लोक सेवक था और बेहद उच्च पद पर आसीन था।
गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं सिसोदिया
अदालत ने कहा कि वर्तमान सुनवाई में न तो आबकारी नीति की जांच की गई और न ही आर्थिक नीति बनाने के संबंध में सरकार के अधिकार की। अदालत ने सरकार के प्रशासनिक फैसलों की भी जांच नहीं की है। चूंकि सिसोदिया के खिलाफ कदाचार के गंभीर आरोप हैं, वह एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं तथा 18 विभागों के साथ उपमुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं और गवाह ज्यादातर लोक सेवक हैं, इसलिए गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के अनुरूप इस अदालत का मानना है कि याचिकाकर्ता जमानत का हकदार नहीं है।
सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
सीबीआई ने अब रद्द की जा चुकी दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में कई दौर की पूछताछ के बाद सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। सिसोदिया ने अदालत में निचली अदालत के 31 मार्च के आदेश को चुनौती दी थी। अदालत ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि सिसोदिया इस मामले में आपराधिक साजिश के प्रथमदृष्टया सूत्रधार थे। उन्होंने दिल्ली सरकार में अपने तथा अपने सहयोगियों के लिए करीब 90-100 करोड़ रुपये की अग्रिम रिश्वत के कथित भुगतान से संबंधित आपराधिक साजिश में सबसे महत्वपूर्ण व प्रमुख भूमिका निभाई। सिसोदिया अभी इस नीति के धन शोधन से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें नौ मार्च को गिरफ्तार किया था। मामले में उनकी जमानत याचिका को निचली अदालत ने खारिज कर दिया था, जिसे उन्होंने उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी है। उस पर सुनवाई लंबित है।