
Exclusive Chetna Manch: नई दिल्ली/बागपत। चर्चित हत्यारा व बलात्कारी बाबा राम-रहीम अपने पांच सितारा आश्रम में न केवल मौज-मस्ती कर रहा है। बल्कि खुलेआम हरियाणा प्रदेश की सरकार भी चला रहा है। यह बात हम नहीं कह रहे हैं। बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा इस बलात्कारी बाबा का एक वीडियो सभी सबूतों के साथ कह रहा है। लोगों का कहना है कि बाबा राम-रहीम पूरे सरकारी तंत्र पर भारी पड़ रहा है। अनेक लोग यह भी कह रहे हैं कि वोटों के लालच में सरकारी तंत्र कैसे किसी अपराधी का गुलाम बनता है। यह इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है।
सब जानते हैं कि डेरा सच्चा सौदा के नाम से अपना तथाकथित धार्मिक धंधा चलाने वाला बाबा राम-रहीम हत्या व बलात्कार की सजा काट रहा है। अब यदि वह सजा काट रहा है तो साफ है कि उसे जेल में बंद होना चाहिए था। वह हरियाणा के रोहतक जिले की सुनारिया जेल में बंद था। किन्तु 21 जनवरी को उसे पैरोल पर जेल से बाहर भेज दिया गया। यह पैरोल उसे किसी अदालत ने नहीं दिया।
आरोप है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के इशारे पर सुनारिया जेल प्रशासन ने यह पैरोल दिया है। पैरोल पर बाहर आते ही बलात्कारी बाबा उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में बरनावा स्थित पांच सितारा आश्रम में पहुंचा और वहां जाकर न केवल राजा-महाराज की स्टाइल में अपने जन्मदिन का तलवार से केक काटा बल्कि हरियाणा सरकार के एक आला अफसर व भाजपा के एक राज्यसभा सांसद को हरियाणा प्रदेश की सरकार को सुचारू रूप से चलाने का आशीर्वाद देते भी नजर आया। (नीचे वीडियो में देखें बाबा का राजशाही लुक)।
[video width="490" height="270" mp4="https://chetnamanch.com/wp-content/uploads/2023/01/o_j1qY58X8cYq2D-.mp4"][/video]लोगों का कहना है कि बलात्कारी व हत्यारा बाबा राम-रहीम हमारे सरकारी तंत्र के मुंह पर एक बड़ा तमाचा है। लोग यह भी कह रहे हैं कि वोटों के लालच में राजनेता कैसे पूरे सिस्टम को किसी बड़े से बड़े अपराधी के चरणों में रख देते हैं। यह बाबा इस बात का जीता-जागता उदाहरण है। चेतना मंच इस बाबा के कारनामों को पहले भी उजागर कर चुका है। (यहां पढ़ें चेतना मंच न्यूज पोर्टल पर दो दिन पहले किया गया बाबा राम-रहीम का खुलासा)
क्या होता है पैरोल
यहां आपको यह भी बता दें कि बाबा राम-रहीम जिस पैरोल के बल पर अपने आश्रम में मौत-मस्ती कर रहा है। आखिर यह पैरोल होता क्या है? दरअसल जेल में सजा काट रहे किसी अपराधी को उसके चाल-चलन के आधार पर अस्थाई तौर से जेल से बाहर भेजने की व्यवस्था को पैरोल कहते हैं। जेल में बंद जिस बंदी का मुकदमा अदालत में विचाराधीन रहता है उसे अदालत की अनुमति से पैरोल पर छोड़ा जाता है। किन्तु जिस अपराधी को अदालत से सजा मिल चुकी होती है। उस अपराधी की प्रार्थना पर जेल प्रशासन द्वारा पैरोल दिया जाता है। राम-रहीम अदालत से सजा पा चुका है। इसलिए इस ढोंगी बाबा को हरियाणा सरकार के जेल प्रशासन ने पैरोल पर छोड़ा है और वह भी एक बार नहीं बल्कि साल भर में चौथी बार पैरोल पर छोड़ा गया है।