अपने शहर में इस समय देख सकते हैं चन्द्र ग्रहण को

आपकी चन्द्र ग्रहण देखने की जिज्ञासा को हम पूरा कर रहे हैं। हम आपको विस्तार के साथ बता रहे हैं कि आपके अपने शहर में चन्द्र ग्रहण किस समय पर दिखाई देगा। चन्द्र ग्रहण का भारतीय शास्त्रों में बहुत ही विशेष महत्व बताया गया है।

2026 का पहला चंद्रग्रहण आज
2026 का पहला चंद्रग्रहण आज
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar03 Mar 2026 12:22 PM
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Chandra grahan 2026 : 3 मार्च 2026 को (आज) चन्द्रग्रहण पड़ रहा है। 3 मार्च का यह चन्द्र ग्रहण वर्ष-2026 का पहला चन्द्रग्रहण है। हर कोई यह जानना चाहता है कि उनके अपने शहर में चन्द्र ग्रहण का नजारा किस समय देखने को मिलेगा। आपकी चन्द्र ग्रहण देखने की जिज्ञासा को हम पूरा कर रहे हैं। हम आपको विस्तार के साथ बता रहे हैं कि आपके अपने शहर में चन्द्र ग्रहण किस समय पर दिखाई देगा। चन्द्र ग्रहण का भारतीय शास्त्रों में बहुत ही विशेष महत्व बताया गया है।

कैसे होता है चन्द्र ग्रहण?

अपने-अपने शहर में चन्द्र ग्रहण का समय जानने से पहले यह जान लीजिए कि चन्द्र ग्रहण किस प्रकार से पड़ता है। भारतीय शास्त्रों के अनुसार जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, इसलिए पूजा-पाठ और साधना का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। भारत में चन्द्र ग्रहण आज 3 मार्च को दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा, लेकिन उस समय चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. चंद्रमा का उदय शाम को होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण देखा जा सकेगा। करीब 6:46 से 6:47 बजे के बीच ग्रहण समाप्त हो जाएगा।

आपके शहर में चन्द्र ग्रहण का समय


·         दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरूग्राम, फरीदाबाद तथा प. उत्तर प्रदेश में चन्द्र ग्रहण शाम 6:26 से 6:46 बजे तक दिखेगा


·         प्रयागराज में 6:08 से 6:46 बजे तक 


·         वाराणसी में 6:04 से 6:46 बजे तक 


·         कानपुर में 6:14 से 6:46 बजे तक 


·         पटना और रांची में यह 5:55 से 6:46 बजे तक रहेगा 


·         कोलकाता में 5:43 से 6:46 बजे तक दिखाई देगा.


·         इसके अलावा भुवनेश्वर में शाम 05:54 से लेकर शाम 06:46 तक 


·         चेन्नई में शाम 06:21 से लेकर शाम 06:46 तक 


·         हैदराबाद में शाम 06:26 से लेकर शाम 06:46 तक और 


.   बेंगलुरु में शाम 06:32 से लेकर शाम 06:46 तक दिखेगा. . 


पूर्वोत्तर भारत के कुछ शहरों जैसे शिलांग, ईटानगर और गुवाहाटी में चंद्रमा पूर्ण रूप से ढका रहेगा। यहां दोपहर 2:14 बजे से शाम 7:53 बजे तक ग्रहण का प्रभाव रहेगा और पूर्णता की अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट तक मानी गई है। Chandra grahan 2026



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सऊदी अरब में शिया-सुन्नी आबादी का पूरा 'हिसाब-किताब'

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Saudi Arabia Population
सऊदी की धार्मिक पहचान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Mar 2026 12:35 PM
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Saudi Arabia Population: मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव ने सऊदी अरब को भी अपनी चपेट में ले लिया है। देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी 'अरामको' की रास तनुरा रिफाइनरी पर हुए ड्रोन हमले के बाद खेलते हुए देखे गए इस तनाव ने सऊदी अरब की आंतरिक स्थिति और वहां की जनसांख्यिकी (Demographics) को लेकर चर्चाएं फिर से तेज कर दी हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एक ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की है, लेकिन इस घटना के बाद सऊदी अरब में सुन्नी और शिया आबादी का आंकड़ा सामने आया है, जो काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल आबादी और विदेशियों का असर

अमेरिकी विदेश विभाग (US Department of State) के 2023 के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब की कुल आबादी लगभग 32.02 मिलियन (3.2 करोड़) है। इस आबादी का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 40 प्रतिशत से ज्यादा, एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के विदेशी निवासियों और मजदूरों का है। यही कारण है कि देश की सामाजिक संरचना काफी विविध है। सऊदी सरकार आधिकारिक तौर पर धार्मिक जनगणना के विस्तृत आंकड़े सार्वजनिक नहीं करती है, लेकिन अनुमानों से स्थिति स्पष्ट होती है।

सुन्नी बहुल देश, वहाबी परंपरा का दबदबा

सऊदी अरब की नागरिक आबादी में सुन्नी मुसलमानों की संख्या सबसे अधिक है। अनुमान के अनुसार, देश की लगभग 85% से 90% आबादी सुन्नी इस्लाम को मानती है। सऊदी शासन इस्लामी कानून के हनबली स्कूल और वहाबी धार्मिक परंपरा पर आधारित है। सऊदी अरब खुद को सुन्नी इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों—मक्का और मदीना—का संरक्षक मानता है, जिससे इसकी राजनीतिक और धार्मिक साख इस्लामी दुनिया में बहुत ऊंची है।

शिया आबादी: संख्या कम, लेकिन रणनीतिक अहमियत

देश की कुल आबादी में शिया मुसलमानों की हिस्सेदारी 10% से 12% अनुमानित है। हालांकि वे पूरे देश में अल्पसंख्यक हैं, लेकिन उनकी भौगोलिक उपस्थिति बेहद महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में शिया समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है, और यही वह इलाका है जहां देश के अधिकांश तेल भंडार और रिफाइनरियां स्थित हैं।

इसके अलावा:

  • जैदी शिया: यमन सीमा के पास दक्षिणी क्षेत्रों में निवास करते हैं (लगभग 20,000)।
  • इस्माइली शिया: मुख्य रूप से नजरान क्षेत्र में रहते हैं और इनकी संख्या 5 से 7 लाख के बीच है।

तेल अवसंरचना (Oil Infrastructure) पर हाल हुए हमले और शिया बहुल इलाकों का होना सऊदी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि इस क्षेत्र की सुरक्षा किसी भी कीमत पर सुनिश्चित करनी होती है।

सऊदी अरब में शिया समुदाय को ऐतिहासिक रूप से कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। सेना और सुरक्षा सेवाओं में उच्च पदों पर पहुंचना उनके लिए मुश्किल रहा है, जबकि आशुरा जैसे त्योहारों पर भी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के नेतृत्व में बदलाव की हवा बह रही है। धार्मिक पुलिस 'हाइया' की शक्तियों को सीमित किया गया है और शिक्षा प्रणाली से भेदभावपूर्ण सामग्री को हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। Saudi Arabia Population

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locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar02 Mar 2026 04:00 PM
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माना जा रहा था कि मौजूदा संख्या बल के हिसाब से महायुति (भाजपा, शिंदे गुट, अजित पवार गुट) को 6 सीटें (भाजपा-4, अजित पवार गुट-1, शिंदे गुट-1) आसानी से मिल जाएंगी। लेकिन भाजपा के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की दिल्ली यात्रा और अमित शाह से हुई मुलाकात के बाद चित्र बदल गया है। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि महायुति को सिर्फ छह सीटों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने पार्टी को सातवीं सीट के लिए पूरी ताकत झोंकने के निर्देश दिए हैं। अगर भाजपा सातवीं सीट की दावेदारी करती है, तो उसे करीब 20 अतिरिक्त मतों की जरूरत होगी।

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